गुस्ताखी माफ़-डॉक्टरों की चड्डी क्या कसी सब बाहर आ गया…सचिन बिरला कही पनौती न हो जाए…तो…

डॉक्टरों की चड्डी क्या कसी सब बाहर आ गया... जब सैया भए कोतवाल... शहर में इन दिनों आम लोगों को प्रशासन कैसे ईमानदार रहा जाए इसका सबक सीखा रहा है। जो नहीं सीख रहे है वे सुधारे जा रहे है। अच्छी बात है होना भी चाहिए। देश में बनाया संविधान…
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गुस्ताखी माफ़-सुचिता संस्कार पर साम, दाम वाकई भारी है क्या…चुनाव इवेंट के पर्यटन को लेकर…

सुचिता संस्कार पर साम, दाम वाकई भारी है क्या... इन दिनों खंडवा विधानसभा सीट जहां भाजपा के लिए प्रतिष्ठा बनी हुई है वहीं साम, दाम, दंड, भेद की प्रक्रिया भाजपा के मूल सिद्धांतों यानी सूचिता, संस्कार को दरकिनार कर नए सिद्धांतों के साथ…
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गुस्ताखी माफ़-दिग्गज चुनावी क्षेत्रों से वापस नहीं लौटेंगे…ये कोई बात नहीं…बिल्ली के भाग…

दिग्गज चुनावी क्षेत्रों से वापस नहीं लौटेंगे... उपचुनाव को लेकर अब भाजपा में चुनावी पर्यटन पर सख्त नजर रखी जा रही है। भाजपा के तमाम दिग्गजों को अब निर्देशित किया गया है कि वे केवल त्यौहार मनाने के लिए ही अपने घर वापस लौटेंगे। कई दिग्गज…
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गुस्ताखी माफ़-राम अब प्रासंगिक रावण अभी भी रग-रग में मौजूद…

राम अब प्रासंगिक रावण अभी भी रग-रग में मौजूद... देश में जितना रावण प्रभावित करता है, उतने राम नहीं कर पाते। राम का अपना चरित्र है और रावण का अपना चरित्र है। सैकड़ों बरसों से हर बार देश में रावण का दहन और कुंभकरण और मेघनाथ के पुतलों का…
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गुस्ताखी माफ़-रिसायत हमारी सियासत हमारी फिर भी सुनवाई नहीं…भिया इंदौर में तो पेलवान की ही…

रिसायत हमारी सियासत हमारी फिर भी सुनवाई नहीं... दिल्ली से भोपाल तक इन दिनों भाजपा की तूती बोल रही है। बोल ही नहीं रही है, खौल रही है। इसके बाद भी इंदौर के हर विधानसभा के विधायकों और पार्षदों को नगर अध्यक्ष गौरव बाबू के साथ मिलकर…
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गुस्ताखी माफ़-वंशवाद से मुक्त भाजपा उधार के सिंदूर में उलझी…हुआ कुछ नहीं है दो नए आ गए…

वंशवाद से मुक्त भाजपा उधार के सिंदूर में उलझी... भाजपा में उम्मीदवारों के चयन को लेकर एक और जहां लोकसभा में वंशवाद को सिरे से नकार दिया तो वहीं विधानसभा में उधार के सिंदूर से मंगल परिणय का प्रयास शुरू हो गया है। लंबे समय से भाजपा में…
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गुस्ताखी माफ़- कांग्रेस राम से बची हे राम पर पहुंची…फिर तारीख पे तारीख…इतिश्री मोघे…

कांग्रेस राम से बची हे राम पर पहुंची... कांग्रेस इन दिनों अपने घर के चिरागों से ही परेशान है। घर में आग लग रही है, घर के चिराग से। कालिदासों से भरी पार्टी मैदानी लड़ाई लड़ने से पूरी तरह बाहर हो चुकी है। भोपाल के कमरों में बैठकर ज्ञान…
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गुस्ताखी माफ़-न भाजपा के तेवर रहे न कार्यकर्ता के जेवर रहे…

न भाजपा के तेवर रहे न कार्यकर्ता के जेवर रहे... भाजपा के नेतृत्व में यह मान लिया है कि राजनीतिक सत्ता के लिए भाजपा में शामिल होते ही सब गंगा की तरह पवित्र हो जाते हैं। दूध के धुले हुए तो वह कांग्रेस में भी थे ही। पांच साल पहले…
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गुस्ताखी माफ़-दोनों तरफ ताले लग गए क्या…ताई के यहां हंडी में कुछ पक रहा है…पेलवान की…

दोनों तरफ ताले लग गए क्या... भारतीय जनता पार्टी के दीनदयाल भवन में ऊपर की दो मंजिलों में ताले लगा दिए गए हैं। बताया जा रहा है कि यह ताले इसलिए लगाए गए हैं कि कार्यकर्ता इसका उपयोग न कर सकें। इनमें से एक मंजिल पर पहले संगठन मंत्री…
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गुस्ताखी माफ़- मुरली की धुन में प्रकाश का उजाला…नए अंदाज में थे कार्यक्रम में भिया…

मुरली की धुन में प्रकाश का उजाला... इन दिनों भाजपा के मध्यप्रदेश की राजनीति में एक नया दीया अपने प्रकाश से कई लोगों को चौंधिया रहा है। अब शिव के प्रकाश जहां पूरे प्रदेश में नजर रख रहा है तो मुरली धर कर घूम रहे राव के तीखे बाण कई नेताओं…
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