Sulemani chai: इफ्तार के बहाने रफ्तार की कोशिश…उत्तम नहीं हे,शाह पर हमले….सीतला माता बजार…

इफ्तार के बहाने रफ्तार की कोशिश…
माहे रमज़ान का आखिरी अशरा शुरू होते ही सियासी इफ्तार पार्टियों का मौसम भी परवान चढऩे लगा है। इसी कड़ी में प्रदेश का बड़ा इफ्तार वक्फ बोर्ड अध्यक्ष डॉ. पटेल साहब पहले ही निपटा चुके हैं। इफ्तार की दरी पर भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जमाल सिद्दीकी के साथ सनव्वर की जुगलबंदी भी खूब चर्चा में रही। अब यह जुगलबंदी प्रदेश की भाजपा अल्पसंख्यक सियासत में क्या गुल खिलाएगी, इसके अपने-अपने हिसाब किताब बन रहे हैं। उधर डॉ. साहब के तमाम कंपाउंडरों में भी खुशी की लहर है, हर कोई बोर्ड के बाद मोर्चे में अपनी भूमिका तलाशता फिर रहा है। इधर शहर के भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा अध्यक्ष भी राष्ट्रीय प्रवक्ता और पूर्व केंद्रीय मंत्री शाहनवाज़ हुसैन को इफ्तार कराकर अपनी कुछ दिन से खड़ी सियासी गाड़ी को फिर से रफ्तार देने की जुगत में लगे दिखाई दे रहे हैं। अब हुजूर इस नई जुगलबंदी से किसे जुगाली आती है और किसकी सियासी गाड़ी सच में रफ्तार पकड़ती है, इसका असली मंजर तो ईद के बाद ही दिखाई देगा।
उत्तम नहीं हे,शाह पर हमले ,,
पिछले दिनों उत्तम स्वामी पर लगे आरोपों से शहर की एक बड़ी हस्ती पर डिजाइन डालने की कोशिश की जा रही हे ,इस पूरे मामले में एक तीर से कई कई निशाने साधने की कोशिश हो रही हे, ये सच हे कि मोर्चे के कई पदों की कुर्सी के साथ ही कई उलझे हुवे मुद्दों की गुत्थी शाह की कैंची ओर सुई धागों से सुलझती रही हे,अब साहब ये तो वक्त ही बतायेगा कि कौन सा तीर किस दिशा से आ रहा था और उन तीरों ने किस किस को घायल किया हे। लेकिन इतना कहना तो बनता हे कि स्वामी जी की क्रियाओं में शाह बंधु को घेरना शहर की राजनीति के लिए उत्तम संदेश नहीं ।
सीतला माता बजार…
पिछली दिवाली पर राजनीतिक फायदे का शिकार बना सीतला माता बजार इस ईद पर खालीपन का शिकार हो रहा हैे। जहां हर साल ईद पर करोड़ों का व्यापार करने वाले इस बाजार पर इस बार की ईद खालीपन लेकर आई हे, अपनी राजनीतिक रोटियां के चलते बजार में जो कार्ड खेला गया था उसका फायदा इस बार अब मुस्लिम इलाकों में खुल चुके बाजरो को हो रहा है। उस वक्त बाजारों से निकाले गये लोगो ने अपनी काबिलियत पर अपने इलाको में बाजार सजा लिए जिसका फायदा अब लोगों को हो रहा हैं और नुकसान सीतला माता बाजार को उठाना पड़ रहा है। इसके दूसरी तरफ इस्लाम हमे नफरतों का जवाब मोहब्बतंो से देने का सबक सिखाता है, इसीलिए हमें अपने दूसरे मजहब के भाइयों का भी ध्यान रखना चाहिए और वहां से भी खरीदारी करना चाहिए। आगे आप जानो।
दुमछल्ला…
आजाद नगर में रोज़ सेहरी
माहे रमज़ान आते ही जहां कुछ लोग इफ्तार पार्टियों की सियासत में रोज़ा खुलवाने लगते हैं, वहीं आजाद नगर में कुछ लोग खामोशी से रोज़ेदारों की सेहरी का इंतज़ाम भी कर रहे हैं। साहब, यहां न कोई प्रेस नोट की हड़बड़ी है, न फोटो खिंचवाने की लाइन, बस खिदमत का छोटा सा सिलसिला चल रहा है। इलाके में बाहर से आकर पढऩे वाले स्टूडेंट्स और मुस्तहिक लोगों के लिए हक मस्जिद पर बीएमबी ग्रुप कई सालों से रोज़ सेहरी का इंतज़ाम करता आ रहा है, ताकि कोई रोज़ेदार भूखा न रह जाए। उधर मदीना न्याज़ कमेटी भी चौराहे को रौशन करने के साथ इफ्तार और सेहरी की महफिल सजा कर माहे रमज़ान की रौनक बढ़ा रही है। अब जनाब, जब कुछ लोग रमज़ान में भी सियासत की रोटियां सेंकने में लगे हों, तो ऐसे में खामोशी से लोगों की जरूरत समझकर उनकी मदद करना ही असल इबादत है, इसलिए इस बार का सुलेमानी सलाम आजाद नगर के बीएमबी ग्रुप और मदीना न्याज़ कमेटी के नाम, जो बिना शोर-शराबे के रमज़ान की असली रूह जिंदा रखे हुए हैं।
मेहबूब कुरैशी 9977862299