गुस्ताखी माफ़: भाजपा धरम, धार के बाद सत्य से मुक्त….वाह.. भाषा ही सुधर गई….
भाजपा धरम, धार के बाद सत्य से मुक्त
( गुस्ताखी माफ़) इन दिनों भाजपा में अजीब सी उहापोह की स्थिति निर्मित होती जा रही है। जमीनी और समर्पित कार्यकर्ता मान रहे हैं कि पार्टी को अब न रमेश की जरुरत है और न उमेश की। पार्टी अब कार्यकर्ताओं से…
Read More...
Read More...