गुस्ताखी माफ –और वे देखते ही रह गए…दुई पाटन के बीच…

और वे देखते ही रह गए.... भाजपाइयों को ज्योति बाबू से कुछ सीखना चाहिए। कार्यकर्ताओं के प्रति ईमानदारी का भाव शायद भाजपा में ज्योति बाबू के आने के बाद ही महसूस हो रहा है। उन्होंने यह सिद्ध कर दिया कि उनके लिए सबसे पहले उनका…
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गुस्ताखी माफ – कठिन समय में भी शंकर ने संकल्प सेवाभाव दिखाया…राज्यपाल के लायक…

कठिन समय में भी शंकर ने संकल्प सेवाभाव दिखाया... इंदौर के सांसद शंकर लालवानी की पत्नी का कैंसर की बीमारी से संघर्ष के बाद दु:खद निधन हो गया। वे पिछले तीन माह से इस बीमारी से लड़ रही थीं। इस दौरान…
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गुस्ताखी माफ -मूंछें हो तो… और डर हो तो…आदर्श से ज्यादा अच्छा ज्ञान बगारना…नए नाम…

मूंछें हो तो... और डर हो तो... कुछ भी हो, मूंछें और डर एक जैसे हो सकते हैं। कहावत है-मूंछें हो तो नत्थूलाल जैसी और डर हो तो मनीषसिंह जैसा। तीन दिन पूर्व कोरोना महामारी के बाद कर्फ्यू की अवधि में भोपाल का संदेश आया कि अवधि अब रात्रि 11 बजे…
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गुस्ताखी माफ -ताई के हलवे में नहा गए शिवजी…कई नेताओं ने कन्नी काटी…चिराग नहीं जले शिवराज…

ताई के हलवे में नहा गए शिवजी... मुख्यमंत्री के इंदौर कार्यक्रम के दौरान ताई के निवास पर जाने की कोई जानकारी नहीं दी गई थी। फिर अचानक ताई के निवास पर जाकर एकांत चर्चा और शुद्ध घी का हलवा खाना और इसके बाद अपने घर बांधकर ले जाना यह लोगों…
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गुस्ताखी माफ -नरो…उत्तम और कैलाश की जुगलबंदी कुछ नया करेगी…चंद घंटों में ही श्रृंगार उतर…

नरो...उत्तम और कैलाश की जुगलबंदी कुछ नया करेगी... राजनीति में विश्वास का संकट उन लोगों पर हमेशा बरकरार रहता है जो दूसरे दलों से आते हैं। उनके लिए ना काका, बाबा ना पोरिया जैसी हालत बनी रहती है और इसी के चलते इंदौर से पेलवान को प्रभारी…
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गुस्ताखी माफ -लहर से लेकर लेर तक… चिंता आने की नहीं आएगी कब यह है…

मालवा-निमाड़ अपनी परंपराओं के लिए मशहूर है। दाल-बाफले से लेकर खारमंजन और उसके बाद पोहे-पापड़ी हों या फिर पेट्रोल-डीजल के भाव। सबके प्रस्तुतिकरण अलग-अलग प्रकार से रहते हैं। इन दिनों शहर में तीसरी लहर को लेकर लोगों में…
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गुस्ताखी माफ -एक ही घर में महापौर के दो दावेदार…दादा ने सिंहासन त्यागा तो दीदी ने आसन…

एक ही घर में महापौर के दो दावेदार... कांग्रेस की ओर से अभी तक संजय शुक्ला ही महापौर के दावेदार हैं। अभी तक इसलिए कि कांग्रेस में बी-फार्म मिलने के बाद भी कई लोगों को नामांकन भरने को नहीं मिलता। वह अलग प्रकार के लोग होते हैं, जो…
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गुस्ताखी माफ -नेताओं के कंधों से मुक्त शहर में अधिकारियों का शीतयुद्ध…भोपाल से फिर मथरी लौंगे…

नेताओं के कंधों से मुक्त शहर में अधिकारियों का शीतयुद्ध... इन दिनों शहर में कोरोना महामारी के बीच कई नेताओं के कंधे कमजोर हो गए तो कई अधिकारियों के कंधे मजबूत हो गए हैं। जो नेता चिल्ला-चिल्लाकर कहते थे हम पर भरोसा रखो, अब उन्हीं की पार्टी…
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गुस्ताखी माफ –कार्यकर्ता प्रताड़ना कार्यक्रम…नमाज का मामला था रोजे गले हो गए…

कार्यकर्ता प्रताड़ना कार्यक्रम... इन दिनों भाजपा के नए नेता अपने आपको प्रताड़ितों की श्रेणी में शामिल मान रहे हैं। भाजपा के नेताओं द्वारा रोज जारी हो रहे फतवों में अब जेब ढीली करना पड़ रही है। चाहे वैक्सीन लगवाने का…
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गुस्ताखी माफ –समझते नई खुदाई मत देखों पर….एक सेल्यूट तो बनता है…तबेला भारी पड़ेगा बंगला…

समझते नई खुदाई मत देखों पर.... नेताओं को भी समझना चाहिए सारी खुदाई एक तरफ है तो... कुछ बातें लिखी नहीं समझी जाती है। पहली तरफ ध्यान न भी जाए तो भी दूसरी तरफ ध्यान रखना चाहिए। यह मामला है भाजपा द्वारा मध्यप्रदेश में बनी कार्यसमिति को लेकर।…
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