गुस्ताखी माफ़: बावलों-उतावलों में चल पड़ी है श्रेय की राजनीति…

बावलों-उतावलों में चल पड़ी है श्रेय की राजनीति... भाजपा में इन दिनों काम और पराक्रम की राजनीति की बजाय श्रेय लेने की होड़ के चलते अब उतावलों और बावलों की राजनीति के दर्शन रोज करने पड़ते हैं। विषय की पूरी जानकारी और पूरी तरह अनुभवी लोगों से…
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गुस्ताखी माफ़-विमानतल पर एक निगाह के तलबगार रहे नेता

विमानतल पर एक निगाह के तलबगार रहे नेता कल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के महाकाल लोक के लोकार्पण को लेकर इंदौर में विमानतल पर जब आगमन हुआ तो भाजपा के कई दिग्गज नेता कतारबद्ध खड़े थे। सबकी निगाहें प्रधानमंत्री की कातर निगाहों पर टिकी हुई थी।…
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गुस्ताखी माफ़…- भिया ऐसे ही कार्यकर्ताओं के नाड़ी वैद्य नहीं कहलाते…भगत और भक्ति का…

गुस्ताखी माफ़... भिया ऐसे ही कार्यकर्ताओं के नाड़ी वैद्य नहीं कहलाते... राजनीति में फूंक-फूंक कर कदम रखना एक कुशल नेता के लिए जरुरी होता है और वह कदम नहीं भी रखे तो फूंकते रहना हर समय जरुरी होता है और यदि समय रहते हुए फूंकने से चूक जाओ…
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Gustakhi Maaf: गुस्ताखी माफ़- राम की गलती थी क्या पापी नहीं पाप को मारना था…बिना मूंछ के हैं…

Gustakhi Maaf राम की गलती थी क्या पापी नहीं पाप को मारना था... इंदौर में लगभग २० वर्ष पूर्व केवल चार से छह स्थानों पर ही रावणों का दहन होता था। धीरे धीरे रावणों के दहन में मिल रही प्रसिद्धि के चलते राम तो बढ़े नहीं पर रावणों की संख्या…
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गुस्ताखी माफ़- घर बिठाए भाजपाइयों का महाकुंभ…

गुस्ताखी माफ़ घर बिठाए भाजपाइयों का महाकुंभ... शुचिता-संस्कार की भाजपा के कई संस्कारी नेता जो नई रणनीति और नए संस्कारों के कारण या तो घर बैठ गए हैं या बैठा दिए गए हैं। कोई पूछपरख अब होने की संभावना नहीं दिख रही है। ऐसे नेताओं की उम्र भी…
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गुस्ताखी माफ़- बनते-बिगड़ते रिश्तों के बीच भगत की भक्ति में ही सार बचा है..

बनते-बिगड़ते रिश्तों के बीच भगत की भक्ति में ही सार बचा है.. राजनीति में कोई किसी नेता का लंबे समय दुश्मन नहीं रहता और लंबे समय दोस्त भी नहीं रहता। भाजपा में यह परंपराएं अब पहले से ज्यादा बदलने लगी हैं। रायता फैलने की प्रवृत्ति इतनी…
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गुस्ताखी माफ़: भाजपा धरम, धार के बाद सत्य से मुक्त….वाह.. भाषा ही सुधर गई….

भाजपा धरम, धार के बाद सत्य से मुक्त ( गुस्ताखी माफ़) इन दिनों भाजपा में अजीब सी उहापोह की स्थिति निर्मित होती जा रही है। जमीनी और समर्पित कार्यकर्ता मान रहे हैं कि पार्टी को अब न रमेश की जरुरत है और न उमेश की। पार्टी अब कार्यकर्ताओं से…
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गुस्ताखी माफ़: भाजपा तीरथ एक बार…

भाजपा तीरथ एक बार... पिछले दिनों क्षेत्र क्रमांक एक के विधायक संजू बाबू ने अपनी तीरथ यात्रा प्रधानमंत्री को क्या समर्पित कर दी, सारे समीकरण ऊपर-नीचे हो गए। कांग्रेसियों का मानना है कि यह तो होना ही है। वैसे भी महापौर चुनाव के बाद अपने ही…
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गुस्ताखी माफ़: हर जोड़ में बेजोड़ कांगे्रसी…अपनी ढपली-अपना राग…

हर जोड़ में बेजोड़ कांगे्रसी... (गुस्ताखी माफ़) भाजपा में गंगाजली स्नान के बाद प्रवेश पाने वाले कांग्रेसी ही विश्वास योग्य रहते हैं। और इसीलिए उनका परचम भी भाजपाईयों पर भारी पड़ता है। गंगा स्नान के बाद भाजपा में शामिल तुलसी पेलवान आज भी…
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