गुस्ताखी माफ़- वह तो सब ठीक है..पर इंदौर में नियुक्ति किस जादूगर ने करवाई थी…

अब झालर लगाकर बता रहे हम कौन हैं...

gustakhi maaf

वह तो सब ठीक है..पर इंदौर में नियुक्ति किस जादूगर ने करवाई थी…

इंदौर शहर में क्राइम ब्रांच में पदस्थ रहे अधिकारी के निलंबन के बाद भी कथा समाप्त नहीं हो रही है। शिकायतें अब खरगोन से लेकर अन्य शहरों से भी आने लगी है। इधर सबसे बड़ा सवाल यह है कि ईमानदारी का चोला पहनकर इंदौर में प्रशानिक व्यवस्था देखने वाले अधिकारी हो या फिर वह राजनेता जिसने उक्त अधिकारी की इंदौर में पोस्टिंग कराई थी।

बताया जा रहा है कि उक्त अधिकारी एक बार बर्खास्त हो चुका था। सात बार विभागीय जांच हो चुकी और यहां तक कहा जा रहा है कि दो बार वह जेल भी जा चुका है फिर ऐसे वसूलीबाज अधिकारी को इंदौर लाने में किसकी भूमिका है उसके चेहरे का नकाब जरुर उतरना चाहिए। इस प्रकार की नियुक्तिबता रहे हैं कि अब तो पुलिस विभाग में ही इतने अपराधी हो गये हैं कि बाहर बैठे अपराधी भी हांप गये। आश्चर्य की बात यह है कि इतनी शिकायतों के बाद भी यह चेलेंज हो रहा है कि एक महीने के अंदर ही वे शीघ्र ही किसी थाने पर अपना चेहरा दिखायेंगे।

अब झालर लगाकर बता रहे हम कौन हैं…

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लाल लाइट की गाड़ी होने का आनंद ही कुछ और रहता है। परंतु क्याकरें मोदी जी के नये आदेश के बाद लाल लाइट का आनंद ही समाप्त हो गया। अब थोड़ा बहुत हूटर लगाकर अपनी पहचान चलती सड़क पर बतानी पड़ती है।

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ऐसा नहीं है कि और रास्ते नहीं है अब इंदौर के एक ताकतवर राजनेता ने अपनी नंबर प्लेट के ऊपर अपनी पदवी की प्लेट लगाकर उसे लाल झालर से इस प्रकार कस दिया है कि ऊपर कुछ देखने के बजाए आदमी का ध्यान नीचे झालर वाली लाइट देखने में चला जाता है। ऐसे नहीं तो ऐसे ही सही क्या करें।

ज्योति बाबू के नंबर बढ़ने से कई भाजपाई धड़े घबराए…

मध्यप्रदेश की सियासत में अचानक नया समीकरण बनने से कई नेताओं के समीकरण उलझने लगे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर गृहमंत्री अमित शाह द्वारा ग्वालियर राजघराने के ज्योति बाबू को दिये जा रहे सम्मान का जिक्र अब कार्यकर्ताओं के दरवाजे तक पहुंच गया है।

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दो दिन पूर्व भाजपा के चाणक्य अमित शाह के साथ राजघराने में मिले शाही भोज के बाद अब भाजपा का बड़ा धड़ा यह मानने लगा है कि ज्योतिबाबू भाजपा के भविष्य के महाराज हो गये हैं। इधर प्रधानमंत्री कार्यालय से ट्वीट ने भी बता दिया कि उनकी नाराजगी किन किन लोगों से है। पीएमओ द्वारा किये गये ट्वीट में इंदौर के दिग्गज भाजपा नेता का नाम नहीं होना भी चर्चा का विषय है।

इसके साथ ही फोटो भी आधा ही लगा हुआ है। अब यह तो समय बतायेगा कि किसको किसके झंडे तले राजनीति करनी है। हालांकि ज्योति बाबू खुद नंदानगर की गलियों में जाकर यह बोलकर आये थे कि वे भविष्य में भी भिया के नेतृत्व में ही राजनीति करेंगे। वहीं ग्वालियर में सिंधिया महल से हो रही राजनीति और स्वागत के दौरान कई चेहरों की हवाइयां उड़ती भी दिख रही थी।

चाणक्य राजस्थान में डाल रहे डोरे में सिंधिया का सम्मान बता रहे हैं कि हमारे यहां दूसरे दलों से आने वाले का कितना महत्व है। इस मामले में भाजपा के भी कार्यकर्ता और नेता मान रहे हैं कि ज्योति बाबू इसके पहले भी इसी प्रकार की राजनीति करते रहे हैं पर वे अब भाजपा के भविष्य के मुख्यमंत्री या ताकतवर नेता के रूप में रहेंगे।

गुस्ताखी माफ़

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