गुस्ताखी माफ़- घर बिठाए भाजपाइयों का महाकुंभ…
बाबा के चक्कर में घनचक्कर...सैंया की मलाई नहीं खा सके कोतवाल
गुस्ताखी माफ़
घर बिठाए भाजपाइयों का महाकुंभ...
शुचिता-संस्कार की भाजपा के कई संस्कारी नेता जो नई रणनीति और नए संस्कारों के कारण या तो घर बैठ गए हैं या बैठा दिए गए हैं। कोई पूछपरख अब होने की संभावना नहीं दिख रही है। ऐसे नेताओं की उम्र भी पैंसठ पार होने के हालात बन गए हैं। सबकुछ लुटा कर अब होश में आ रहे ये नेता एक जाजम पर आने वाले दिनों में दिखाई देने वाले हैं। दीपावली मिलन समारोह के नाम पर इस प्रकार के कार्यकर्ता और नेता भाजपा के वरिष्ठ नेता के नेतृत्व में एकत्र होने जा रहे हैं। इसमें विधायकों से प्रताड़ित नेता भी शामिल हैं। इस सम्मेलन में उन नेताओं के परिजनों को भी आमंत्रित किया जा रहा है, जिनका पार्टी में बड़े नेता शोषण करते रहे और अब उनका परिवार संघर्ष कर रहा है। इस आयोजन के संयोजकों में जुड़े एक नेता ने बताया कि पिछले पंद्रह साल से सत्ता और संगठन की मलाई खा रहे नेताओं ने चुनावी हार के बाद सबक न लेते हुए कांग्रेस के निष्ठावान होने का प्रमाण-पत्र लेकर भाजपा में शामिल हुए नेताओं के भरोसे फिर से सरकार बना ली। सरकार में अब चापलूसी को प्राथमिकता मिल रही है। ऐसे में पुराने नेताओं को एक जाजम पर लाकर कुछ बड़ा फैसला किया जाएगा। अब देखना होगा कि आयोजन के पहले रायता फैलाने के प्रयास कितने सफल होते हैं।
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बाबा के चक्कर में घनचक्कर…

क्षेत्र क्रमांक पांच इन दिनों भाजपा के कई नेताओं के सपनों में आने लगा है। कांग्रेस का तो यहां कोई घनी-घोरी बचा नहीं है और जो बचे हैं, वे जमीन तैयार करने में ही समय खराब कर रहे हैं। ऐसे में क्षेत्र क्रमांक पांच नए समीकरणों में जाता दिखाई दे रहा है। कहने वाले तो यहां तक कह रहे हैं कि दादा दयालू इस बार क्षेत्र क्रमांक पांच में अवतरित हो रहे हैं। कारण आकाश बाबू दो नंबर के धार्मिक आयोजनों में इन दिनों जुटे हुए हैं तो दूसरी ओर लंबे समय से विधायक महेंद्र बाबा की जड़ों में दही डाल रहे भाजपा अध्यक्ष गौरव बाबू ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। तैयारी यहां तक शुरू हो गई है कि कोई आश्चर्य की बात नहीं किसी दिन वे क्षेत्र विशेष में रोजा इफ्तार करते हुए भी दिख जाएं। उनके करीबी कह रहे हैं कि जो ताकत भगत की भक्ति में है, वह लालवानी की शक्ति में भी नहीं है। ऐसे में माना जा रहा है उम्रदराज हो चुके महेंद्र बाबा इस बार सेवानिवृत्त हो रहे हैं। देखना होगा ऊंट किसी करवट बैठता भी है या खड़ा ही रहेगा।
सैंया की मलाई नहीं खा सके कोतवाल
सैंया को पता ही नहीं और कोतवाल बाहर के बाहर ही मलाई लूट ले गए। भांडा फूटने पर दो से तीन टुकड़ों में मलाई वापस दी गई। सियागंज के बड़े कारोबारी गलियारों में इस बात की बड़ी चर्चा है कि पिछले दिनों मिलावट के मामले में एक कारोबारी को जब पकड़ा गया तब यह बताया गया था कि रासुका की कार्रवाई भी की जाएगी।

