नशा ही नशा

नशे में तेज रफ्तार से वाहन चलाते हुए दुर्घटनाओं का सिलसिला दुर्भाग्य से अनवरत चल रहा है।जब कोई अपने आप को ज्यादा ही होशियार समझता है,तो उसे बोलचाल की भाषा कहा जाता है कि,फलाँ शख्स ज्यादा ही तेज चल रहा है। तेज रफ्तार से चलने वालों के…
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ओमीक्रोन का संक्रमण भी कम नहीं

अब करोना की तीसरी लहर ने भारत में दहशत फैलाई है, भारत में प्रतिदिन 2 लाख से ज्यादा संक्रमित लोग पाए जा रहे हैं। केरल, गोवा, तमिलनाडु, मुंबई ,दिल्ली, पश्चिम बंगलुरु, चेन्नई सभी के सभी हॉटस्पॉट बने हुए हैं। हम हैं कि एहतियात बरत ही नहीं…
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इस गणतंत्र दिवस पर हमें साहस कर वे सवाल खुद से पूछने होंगे

वि श्व में लोकतंत्र का सबसे बड़ा ग्रंथ लिखने वाले भारत देश में आज अपने भारतीय गणतंत्र के गौरवशाली सात दशक पूरे हो रहे हैं। आज एक ऐसी विचारधारा का उभार अपने चरम पर है जो इन सात दशकों की असफलताओं और गलतियों के कालखंड के रूप में मूल्यांकित…
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पांच राज्यों में डिजिटल दंगल

कोरोना की चुनौती व ओमिक्रॉन के बढ़ते खतरे के बीच पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका है।यूपी में सात चरण में चुनाव होना है। पहले चरण का मतदान 10फरवरी तो अंतिम चरण का मतदान 7 मार्च को होगा।मणिपुर में दो…
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काशी का उद्धार-अयोध्या का बाकी इंतजार

-प्रसंगवश -हाल ही में देवभूमि यानी उत्तरप्रदेष की यात्रा का अवसर मिला।हालांकि उत्तरप्रदेश मेरी पैतृक भूमि भी है मगर काम की व्यस्तता के चलते कोई 4 साल बाद उत्तरप्रदेष याने अपने गांव अपनी भूमि जाने का अवसर मिला। इस दौरान गांव के साथ साथ…
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आरक्षण : न नियत न नीति, गांधारी हो गए फैसले लेने वाले…

क ई पेंचों में उलझे पंचायत चुनाव से अंतत: सरकार को पीछे खसकना पड़ा। बहाना भले ही कोरोना का हो पर तथ्य बता रहे हैं कि जिन आधार पर सरकार चुनाव कराने के लिए आमादा थी वह उच्चतम न्यायालय के दरवाजे पर ही दम तोड़ रहे थे। दुर्भाग्य यह भी है कि…
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सिसकते शहर में विधवा प्रलाप करती राजनीति…

श हर में विकास और विनाश की ऐसी बयार चल रही है कि सिसकते शहर में मकानों के उजड़ने पर शहर की राजनीति और जनप्रतिनिधि केवल विधवा प्रलाप की भूमिका में दिखाई दे रहे हैं पर शहर के बाशिंदों के लिए यह भी अच्छी बात है कि वह अब अपनी लड़ाई खुद लड़ना…
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अगड़े-पिछड़े की राजनीति लाखों रोजगार निगल गई…

अ गाड़ियों और पिछाड़ियों की राजनीति के चलते प्रदेश के लाखों युवाओं का भविष्य किस कदर चौपट हो रहा है, यह देखना है तो आज की राजनीति इसका सबसे अच्छा उदाहरण है। मध्यप्रदेश में हो रहे पंचायत चुनाव पर कल उच्चतम न्यायालय द्वारा की गई तल्ख…
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नैतिकता नहीं : अब सत्ता ही लोकतंत्र का आधार

इ न दिनों पूरे देश को दिन में एक बार नैतिकता का पाठ पूरे जोर-शोर से पढ़ाया जाता है। पाठ पढ़ाना आसान होता है और स्वयं में नैतिकता होना अलग बात होती है। उत्तर प्रदेश के लखीमपुरखीरी कांड में उच्चतम न्यायालय के फैसले ने यह सिद्ध कर दिया कि…
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स्वच्छ और स्वस्थ पत्रकारिता के 40 साल, आभार…

स्वच्छ और स्वस्थ पत्रकारिता के 40 साल, आभार... दै निक दोपहर आज अपनी पत्रकारिता के चालीस साल पूरे कर रहा है और यह सब उन तमाम पाठकों के सहयोग से ही संभव हो सका है, जिन्होंने विपरीत परिस्थिति में भी अखबार के साथ खड़े रहने का दायित्व निभाया…
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