Indore Sarafa Bazar: 200 करोड़ से अधिक के सोने-चांदी-जवाहरात का व्यवसाय

शहर में सराफा क्षेत्र की 2500 दुकानों सहित है 50 बड़े शोरूम

इंदौर (धर्मेन्द्रसिंह चौहान)।

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Indore Sarafa Bazar प्रदेश की व्यवसायिक राजधानी इंदौर के सराफा बाजार का कारोबार अब शहर के अन्य क्षेत्रों में भी फैल गया है। सन 1818 में स्थापित हुए इस बाजार में जहां 2000 दुकानों पर सैकड़ों ग्राहक सिर्फ विश्वसनीयता के चलते खिंचे चले आते हैं। बढती आबादी व क्षेत्रफल के साथ शहर की हर दिशा में अब सोने-चांदी की दुकानेंं खुल गइ हैं, जिससे सराफा बाजार का व्यापार भी बंट गया है। हालात यह है कि नंदानगर में ही 300 दुकानें होने के कारण इसे दूसरा सराफा बाजार का दर्जा भी मिल गया है। हाल-फिलहाल शहर में 2 हजार 500 से ज्यादा दुकानों के साथ ही 50 से ज्यादा बड़े शोरूम भी संचालित हो रहे हैं। इसके चलतेे इस दीवाली पर 200 करोड़ से अधिक के सोने-चांदी के कारोबार का अनुमान लगाया जा रहा है।

कोरोना काल के बाद पहली बार शहर में सोना चांदी की दुकानें सज धज कर तैयार है। शहर की ढाई हजार से ज्यादा दुकानों के कारोबारियों को इस दीवाली 200 करोड़ से ज्यादा का कारोबार होने की उम्मीद है। सराफा बाजार में सबसे बड़ा दिन धनतेरस का होता है। इस दिन से दीवाली तक यहां विशेष रौनक रहती है। चांदी-सोना व्यापारी एसोसिएशन के प्रचार मंत्री अजय लाहोटी का कहना हैं, कि सोना चांदी व्यापार का आकलन लगाना अब मुश्किल हैं, क्योंकि शहर दिनों दिन बढता जा रहा हैं। इसके चलते, शहर के कई क्षेत्रों में छोटी-बड़ी दुकानों के साथ ही सोना चांदी के बड़े-बड़े शोरूम सराफा के आलावा शहर के अन्य हिस्सों में भी खुल गई हैं, जिससे सराफा का व्यापार बंट गया है।

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बावजूद इसके, इससे सराफा की विश्वसनीयता पर कोई फर्क नहीं पड़ा है। सराफा में आने वाले ग्राहकों की संख्या अभी भी उतनी ही हैं। हां जिन्हें छोटे-छोटे आइटम खरीदने होते हैं, वह जरूर अपने क्षेत्र की नजदीक वाली दुकान से ही खरीददारी कर रहा है। इधर, पिछले 6 महीने से चांदी-सोना के भाव लगभग स्थिर ही हैं और मात्र हजार-डेढ़ हजार से ज्यादा का उतार चढ़ाव देखने में नहीं आया हैं। इसके बावजूद, सराफा के व्यापारियों को पिछले साल हुए 100 करोड़ के व्यापार से कहीं अधिक इस साल सराफा में व्यापार होने की उम्मीद हैं। छोटा सराफा और बड़ा सराफा में जहां लगभग 1000 दुकानें है, वहीं शक्कर बाजार, धान गली, मोरसली गली, बोहरा बाजार आदि में भी एक हजार के लगभग दुकानें है । ऐसे सराफा में ही लगभग 2000 दुकानें हैं, जो सराफा की विश्वसनीयता बनाए रखते हैं।

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इसी तरह पूर्वी क्षेत्र सराफा एसोसिएशन (मिल क्षेत्र) कार्यकारणी सदस्य जितेन्द्र चौकसे का कहना हैं, कि इस बार दीवाली कारोबारियों को 25 करोड़ से ज्यादा का कारोबार होने की उम्मीद हैं। नंदानगर स्थित आरके ज्वेलर्स के संचालक राजेश सोनी का कहना है, कि इस साल व्यापारियों को उम्मीद है कि कोरोना काल मे होने वाले नुकसान की भरपाई हो जाएगी।

Indore Sarafa Bazar

लोगों के पास पैसा है, इसलिए मार्केट में उठाव देखा जा रहा है। इस वजह से सभी व्यापारियों के चेहरे खिले हुए है। वहीं भामरे ज्वेलर्स के केशव भामरे का कहना है, कि शहर बढने से व्यापार का आंकड़ा लगाना मुश्किल है, क्योंकि शहर के हर क्षेत्र में व प्रमुख व्यवसायिक क्षेत्रों में बड़े बड़े शोरूम व दुकानें खुल गई है, जिससे व्यापार बंट गया है। फिर भी सराफा में आने वालों का एक अलग ही समूह है, जो यहीं से खरीदी करना पसंद करता है। इसी तरह एमजी रोड़ पर खुले बड़े-बड़े शोरूम में ग्राहकों को सराफे से ज्यादा सुविधा मिलती हैं, इसलिए ज्यादातर ग्राहक वहां के शोरूम में जाना पसंद करते हैं। एक अन्य व्यापारी का कहना है कि सराफा में होने वाला व्यापार देश में हुए व्यापार का एक तिहाई व्यापार माना जाता है।

इंदौर का सराफा ब्रांड बन गया है प्रदेश में

1900 में सराफा में सिर्फ 30 दुकानें थीं। आज 2000 दुकानें हैं। 4 अप्रैल 1927 को सराफा एसोसिएशन की स्थापना हुई थी, तब 57 सदस्य थे, अब 1000 हैं। प्रदेश में 150 से 200 करोड़ का कारोबार होता है। पूरे प्रदेश में सोना-चांदी व्यापारियों की 40 हज़ार दुकानें हैं। इनमें से इंदौर के सराफा में 2000, पाटनीपुरा में 300 और बाकी शोरूम व अन्य क्षेत्रों की मिलाकर 2500 दुकानें हैं। पहले जलगांव और रतलाम बड़ा नाम था। अब इंदौर का सराफा ब्रांड बन गया है। देश के सभी बड़े कॉरपोरेट ज्वेलर यहां आ गए हैं। Indore Sarafa Bazar

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