Sulemani Chai – माल ए मुफ्त,,,,सदर बेरहहम…आधी रोटी पर दाल… हम तो डूबेंगे साथ कइयों…
माल ए मुफ्त,,,,सदर बेरहहम...
जुबानी जमाखर्च से मिल्लत की मेहनत की कमाई को कैसे अपने काबू में किया जाता है ये हुनर मस्जिद कमेटियों को खूब आता है। जामा मस्जिद बड़वाली चौकी के जिम्मेदारों में ये सलाहियत कुछ ज्यादा ही है। कमेटी प्रमुख ने…
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