चंद्र ग्रहण 2022 आंशिक.. सूतक दिनभर रहेगा

उज्जैन में केवल 36 मिनट आंशिक चंद्रग्रहण ही दिखाई देगा

चंद्र ग्रहण 2022

इंदौर। चंद्र ग्रहण एक खगोलीय घटना है जो आंशिक या पूर्ण रूप में होती है। इस बार चंद्र ग्रहण आंशिक है। शाम 5:51 से शुरू होकर शाम 6:30 बजे के आसपास खत्म होगा। लेकिन ग्रहण का सूतक दिन भर रहता है, जो सुबह 5:30 से ही शुरू हो जाएगा।इंदौर में इसका असर इतना प्रभावित नहीं करेगा।

चंद्र ग्रहण का विशेष नियम है कि इस दौरान मंदिर जाना और भगवान की प्रतिमा या तस्वीरों को छूना मना होता है। बताते हैं कि इस दौरान भोजन करने से भी बचना चाहिए और बने हुए भोजन में तुलसी पत्र डालकर रखने से उसकी शुद्धता बरकरार रहती है। इस दौरान हमें मंत्रों का जाप करना चाहिए, जिससे आसपास की नकारात्मकता खत्म होती है। मंगलवार को खगोलीय घटनाक्रम के चलते पूणज़् चंद्रग्रहण होगा।

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हालांकि उज्जैन में यह आंशिक चंद्रग्रहण के रूप में केवल 36 मिनट ही दिखाई देगा। जीवाजी वेधशाला के अधीक्षक डॉ. राजेंद्र प्रकाश गुप्त ने बताया 8 नवंबर को पूणज़् चंद्रग्रहण होगा। ग्रहण का प्रारंभ दोपहर 2:38:05 बजे, मध्य की स्थिति 4:29:10 बजे और मोक्ष शाम 6:19:02 बजे होगा।
मध्य की स्थिति में चंद्रमा का 100 प्रतिशत भाग पृथ्वी के छाया क्षेत्र में हो जाएगा।

भारत में कोलकाता, कोहिमा, पटना, पुरी, रांची, इम्फाल में चंद्रोदय पूणज़्ता समय शाम 5:12 बजे से पूवज़् होने के कारण यहां पूणज़् चंद्रग्रहण देख सकेंगे। उज्जैन में चंद्रोदय शाम 5:43 बजे होने के कारण शाम 6:19 बजे तक केवल 36 मिनट ही आंशिक चंद्रग्रहण दिखाई देगा। चंद्रग्रहण को हम कोरी आंखों या टेलीस्कोप/बाइनोक्युलर से देख सकते हैं।

चंद्र ग्रहण 2022

डॉ. गुप्त ने बताया वेधशाला में चंद्रग्रहण को दिखाने की व्यवस्था रहेगी लेकिन ग्रहण काल 36 मिनट का होने और चंद्रमा को दृश्य स्थिति में पहुंचने में ग्रहण समाप्ति की स्थिति में होगा। देश के कई हिस्सों में चंद्रग्रहण को लेकर पौराणिक कथाएं प्रचलित हैं।

चंद्र ग्रहण काल में न करें ये काम-

1. इस दौरान किसी भी शुभ कार्य को नहीं करना चाहिए और न ही भगवान की मूर्तियों को स्पर्श करना चाहिए।
2. ग्रहण के दौरान तुलसी के पौधे को नहीं छूना चाहिए और सूतक काल में तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए।
3. ग्रहण समाप्त होने के बाद ही भोजन करना चाहिए।
4.गर्भवती महिलाओं को ग्रहण काल के दौरान काटने, छीलने या सिलने की मनाही होती है।
5. गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दौरान घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए और न ही सोना चाहिए।
6. ग्रहण के दौरान तेल लगाना, कपड़े धोना और ताला खोलना आदि काम नहीं करने चाहिए।

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