आटा, दाल-चावल की महंगाई चरम पर

त्यौहारी सीजन शुरू, खाने के सामान 15 फीसदी तक महंगे

नई दिल्ली (ब्यूरो)।

सरकार के मंत्रालय खुद आंकड़े जारी कर मान रहे हैं कि देश में महंगाई चरम पर पहुंच गई है। इसमें अभी राहत की कोई संभावना नहीं है। आटे, दाल-चावल के साथ नमक और शकर के भाव में भी त्यौहारी सीजन में अब वृद्धि होना शुरू हो गई है। दाल की कीमतों में भी आग लगी हुई है। दूसरी ओर वित्त मंत्री ने लोकसभा में कहा है कि महंगाई पूरी तरह काबू में कर रखी है।

एक साल में खाने-पीने की कीमतों में जबरदस्त इजाफा हुआ है। सरकार की लाख कोशिशों के बावजूद कीमतों पर काबू नहीं हो रहा है। यहां तक कि नमक का भी भाव बढ़ गया है। उपभोक्ता मंत्रालय के आंकड़े बताते हैं कि एक साल पहले चावल का भाव 34.86 रुपये किलो था जो अब 38.38 रुपये हो गया है। गेहूं 25 रुपये से 32.61 रुपये जबकि आटा 29.47 से 36 रुपये किलो हो गया है।

अरहर की दाल एक साल पहले 104 रुपये किलो थी जो अब 108 रुपये किलो है। उड़द दाल 104 से 107 रुपये किलो, मसूर दाल 88 से 97 रुपये किलो और दूध 48.97 से बढ़कर 52.41 रुपये लीटर हो गया है। आरबीआई के अनुमान के मुताबिक, अभी भी खुदरा महंगाई की दर 6 फीसदी से ऊपर ही रहेगी। उपभोक्ता मंत्रालय ने तेल की कीमतों को कम करने के लिए कई बार तेल कंपनियों और संगठनों को बुलाया है। कंपनियों का कहना है कि लगातार वह तेल की कीमतें कम कर रही हैं। पर खुले बाजार में अभी भी तेल की कीमतें 150 रुपये लीटर से ऊपर ही हैं। ऐसी आशंका थी कि घरेलू बाजार में आटा की उपलब्धता पर असर होगा। इससे कीमतें भी बढ़ सकती हैं।

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