Big News: डेढ़ करोड़ किराना दुकानों पर बंद होने का संकट

प्रधानमंत्री को एसोसिएशन ने पत्र लिखकर लगाई गुहार, इस साल 10 लाख दुकानें बंद हुई

1.5 crore grocery stores face closure threat
1.5 crore grocery stores face closure threat

नई दिल्ली (ब्यूरो)। एक ओर जहां 10 मिनट में घरों पर किराने का सामान सहित अन्य सामान पहुंचाने वाले क्विक कामर्स कम्पनियों के कारण पहले से ही किराने के बाजार टूूट रहे हैं तो अब दूसरी तरफ एक क्विक कामर्स कम्पनी द्वारा 3 हजार करोड़ के घाटे के बाद 11 हजार करोड़ का आईपीओ लाकर शेयर बाजार के माध्यम से करोड़ों रुपए एकत्र करने की तैयारी हो चुकी है। दूसरी ओर कम्पनी द्वारा हर वार्र्ड स्तर पर क्विक कामर्स के डार्क स्टोर्स खुलने की तैयारी का दावा किया है। इसके चलते देशभर की डेढ़ करोड़ से ज्यादा किराना दुकानों पर जिंदा रहने का संकट कड़ा हो गया है। पिछले साल वित्तीय वर्ष में 10 लाख किराना दुकानें बंद हो चुकी है।
क्विक कामर्स कम्पनी जेप्टो द्वारा 11 हजार करोड़ का पब्लिक इशू लाए जाने को लेकर ऑल इंडिया कंज्यूमर प्रोडक्ट एसोसिएशन ऑफ इंडिया और होलसेल डिस्ट्रीब्यूटर एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि वे इस पर ध्यान दें अन्यथा करोड़ों दुकानों के बंद होने से नई प्रकार की बेरोजगारी शुरू हो जाएगी। इन दुकानों पर बेहद गरीब किस्म के लोग और महिलाएं काम करती है, जिनके रोजगार समाप्त हो जाएंगे। साथ में यह भी बताया कि जो कम्पनी बाजार से 11 हजार करोड़ रुपए एकत्र कर रही है वह 6 साल पहले बनी है और अभी 3 हजार करोड़ के घाटे में चल रही है। इसके कारण कम्पनी बाजार जमाने के लिए क्षेत्र की किराना दुकानों से सस्ता सामान घाटे में देकर किराना दुकानों के लिए बड़ा संकट बन जाएगी। कम्पनी का हर वार्ड में एक डार्क स्टोर खोलने की योजना है। वर्ष 2024-25 में जहा क्विक कामर्स कम्पनियों के कारण 2 लाख दुकानों पर ताला लगा था। वहीं वर्ष 2025-26 में 10 लाख से अधिक दुकानें क्विक कामर्स कम्पनियों के कारण बंद हो चुकी है। वहीं किराना बाजारों की सेल भी 30 प्रतिशत से ज्यादा नीचे आ चुकी है। यदि प्रधानमंत्री ने तत्काल हस्तक्षेप नहीं किया तो अब यह दो सालों में यदि 20 लाख दुकानें भी और बंद हो गई तो कई परिवारों के सामने जिंदगी जीने का संकट खड़ा हो जाएगा। उल्लेखनीय है कि इस वक्त देश में 10 से अधिक क्विक कामर्स कम्पनियां अपने-अपने प्लेटफार्म से सामान घरों में पहुंचा रही है। दूसरी ओर ब्लिंकेट ने मात्र 10 मिनट में ही सामान की डिलीवरी घर किए जाने की घोषणा की है। हालांकि सरकार ने समय सीमा पर प्रतिबंध लगाया पर इसके बाद भी 10 मिनट में ही डिलीवरी की जा रही है।

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