देश की पहली दि ग्रामोफोन गर्ल बनी थी वे…

26 जून को 'गौहर जानÓ के जन्मदिन के अवसर पर

इंदौर। हमारे देश की पहली गायिका जिनके गाए गीतों को ‘ग्रामोफोन रेकार्ड कंपनी ऑफ़ इंडियाÓ द्वारा बनाई गई 78 आर पी एम के रेकार्ड डिस्क पर रेकार्ड करके प्रकाशित किये थे। उन्हें ‘दि ग्रामोफोन गर्लÓ और ‘फर्स्ट रेकार्डिंग सुपर स्टार ऑफ़ इंडियाÓ के नाम से पुकारा गया था। तत्कालीन अखबारों में उनके बहुत चर्चे रहे थे, ये है ‘गौहर जानÓ जिनका जन्म दिवस दिनांक 26 जून को है।

बहुत ही अच्छी- सुरिली गायिका होने के साथ-साथ वो बहुत बढ़िया नृत्यांगना भी थी। आपका जन्म सन् 1873 में में हुआ था। मूल नाम था ‘एंजोलिना येवोवार्डÓ, उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ की रहने वाली ‘गौहर जानÓ की माताजी का नाम था ‘एडेलिन विक्टोरियाÓ और पिताजी का ‘रॉबर्ट विलियमÓ था। सन् 1881 में इनका परिवार बनारस आ गया, उनकी माताजी बहुत अच्छी डांसर थी और कत्थक नृत्य में माहिर थी। माताजी ने बालिका गौहर जान को नृत्य सिखाना शुरू किया। सन् 1883 में उनकी माताजी उन्हें लेकर ‘कलकत्ताÓ आ गई। यहाँ- नवाब वाज़िद अली शाह के दरबार में उनकी माताजी नृत्य और गायन का काम करती थी।

दरबारी नृत्यांगना होने के कारण रूपये – पैसे की कमी नहीं थी,
इसी दौरान गौहर जान को शेरों- शायरी का शौक हो गया, वो गजलें लिखने लगी, अपना उप नाम रखा ‘हमदमÓ। ‘जानकीबाईÓ इसके बाद गौहर जान कर्नाटक राज्य के ‘मैसूरÓ आ गयी यहाँ ‘कृष्णराजा वाडियारÓ चतुर्थ के राज दरबार में राजकीय नर्तकी और गायिका नियुक्त की गयी। अपने पुरे कैरियर में गौहर जान ने – हिन्दी, मराठी, गुजराती, तमिल, फ़ारसी, अरबी, फ़्रांसीसी, अंग्रेजी आदि 10 भाषाओं में 600 से अधिक गीत गायें है। उस जमाने में एक गीत के 3 हजार रुपए उन्हें मिलते थे।

अपनी आयु से आधी आयु वाले व्यक्ति से विवाह फिर तलाक, मुकदमे बाजी, में परेशान होने और आर्थिक रूप से संकट में आने के बाद सन् 1930 में 57 वर्षीय गौहर जान का निधन हो गया। उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि।
-सुरेश भिटे

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