Recover your password.
A password will be e-mailed to you.

खजराना का एक वार्ड ऐसा भी है जहाँ तबेले में घोड़ों की जगह ठेकेदारों ने ले ली है। पूर्व पार्षद महोदया ने वार्ड के सभी कामों के ठेके अपने घोड़ों को दे रखे है। छोटे-छोटे कामों के ठेकों को मोटी रकम में महोदया अपने ठेकेदारों को दे देती है। दूसरे ठेकेदार कम कीमत में काम करने को राजी हो तब भी उन्हें कागजों में उलझा दिया जाता है, और फिर घर का ठेका घर में ही रह जाता है। पहले ठेका फिर कमीशन सारा खेल, मतलब पार्षद जी सारा घी अपने ही तबेले में बाट देती है, इसे कहते है, चट भी मेरी, पट भी मेरी अंटा मेरे बाप का…
खजराना के वार्ड 38 में बीजेपी के भावी पार्षद को कार्यकर्ताओं ने परेशान कर रखा है। जहां 39 के भाजपा कार्यकर्ता भी जहां अपना अपना वार्ड छोड़ कर 38 के बीजेपी उम्मीदवार के साथ घूम रहे हैं, वहीं बेचारे पंडित जी को नए-नए खर्च बता कर उनका जीना हराम कर रहे हैं। हाल ही में पंडित जी से कार्यकर्ताओं ने चिकन खाने की फरमाइश रख दी। सौ लोगों के खाने के लिए पचास हजार भी ले लिए, मजे की बात तो यह है पचास हजार भी सौ लोगों के खाने के लिए कम पड़ गए, अब बेचारे पंडित जी बीजेपी को कोसे, अपने आप को कोसे, टिकट मिलने वाले समय को कोसे या फिर बीजेपी के इन कार्यकर्ताओं को।Recover your password.
A password will be e-mailed to you.