सुलेमानी चाय-खजराने के तबेले में ठेकेदारों का मेला…सौ लोगों में पचास हजार का खाना पड़ा कम…

तीसरे नम्बर के लिए अन्नू की दौड़... दुमछल्ला-मैं नहीं, हम टीम बनाएगी इकबाल को बनाएगी मामू...

खजराने के तबेले में ठेकेदारों का मेला…

खजराना का एक वार्ड ऐसा भी है जहाँ तबेले में घोड़ों की जगह ठेकेदारों ने ले ली है। पूर्व पार्षद महोदया ने वार्ड के सभी कामों के ठेके अपने घोड़ों को दे रखे है। छोटे-छोटे कामों के ठेकों को मोटी रकम में महोदया अपने ठेकेदारों को दे देती है। दूसरे ठेकेदार कम कीमत में काम करने को राजी हो तब भी उन्हें कागजों में उलझा दिया जाता है, और फिर घर का ठेका घर में ही रह जाता है। पहले ठेका फिर कमीशन सारा खेल, मतलब पार्षद जी सारा घी अपने ही तबेले में बाट देती है, इसे कहते है, चट भी मेरी, पट भी मेरी अंटा मेरे बाप का…

सौ लोगों में पचास हजार का खाना पड़ा कम…

खजराना के वार्ड 38 में बीजेपी के भावी पार्षद को कार्यकर्ताओं ने परेशान कर रखा है। जहां 39 के भाजपा कार्यकर्ता भी जहां अपना अपना वार्ड छोड़ कर 38 के बीजेपी उम्मीदवार के साथ घूम रहे हैं, वहीं बेचारे पंडित जी को नए-नए खर्च बता कर उनका जीना हराम कर रहे हैं। हाल ही में पंडित जी से कार्यकर्ताओं ने चिकन खाने की फरमाइश रख दी। सौ लोगों के खाने के लिए पचास हजार भी ले लिए, मजे की बात तो यह है पचास हजार भी सौ लोगों के खाने के लिए कम पड़ गए, अब बेचारे पंडित जी बीजेपी को कोसे, अपने आप को कोसे, टिकट मिलने वाले समय को कोसे या फिर बीजेपी के इन कार्यकर्ताओं को।

तीसरे नम्बर के लिए अन्नू की दौड़…
खजराना के राजा बाबू अपने व्यापारिक संबंधों के आधार पर टिकट तो ले आये लेकिन पार्षद की दौड़ इनके लिए टेढ़ी खीर साबित हो रही। महंगी कारों के शौकीन राजा बाबू की कारों के शीशे पहले तो खजराने बाहर ही खुलते थे शौकीन मिजाज परिवार के कारण वे खजराने के गरीब गुरुवों को देखते भी नहीं थे। इसीलिये वार्ड में उनकी पहचान का ही बड़ा मसला हो रहा है। अगर खजराने के बीरबलो की माने तो पिछली बार लक्की गौरी खजराने के लिए नया चेहरा होने के बावजूद करीब तीन हजार वोट ले आये थे, अब कांग्रेस को इस आंकड़े को पार करना भी मुश्किल दिख रहा है, इसलिए लग रहा है कि अन्नू तीसरे नम्बर के लिए ही दौड़ रहे है। दौड़ना भी चाहिए यह तो उनका हक भी है।

बम्बई बाजार में अयाज की राह आसान कर रहे बंटी और देहलवी…
बम्बई बाजार में इस बार अयाज बेग की राह आसान नजर आ रही है, वैसे तो क्षेत्र में बैग ने कोई खास काम नहीं किए हैं, लेकिन क्षेत्र के 2 बड़े नाम पतंग और झाड़ू के सहारे अयाज़ को परेशान करने में लगे हुवे है। जानकारों की मानी जाय तो अगर अयाज़ के साथ कोई आसमानी सुल्तानी नहीं हुई तो बंटी तापिया की पतंग और अनवर देहलवी की झाड़ू उन्हें फायदा पहुंचाती दिख रही है। हां अगर दोनों मिल जाते हैं तो जरूर बम्बई बाजार से बैग परिवार का तिलिस्म टूट सकता है।

दुमछल्ला
मैं नहीं, हम टीम बनाएगी इकबाल को बनाएगी मामू…
खजराने में जिहोश दानिशवरों ने फिर से मैं नही हम, की टीम तैयार की है, परवेज़ इकबाल, ज़ाहिद खान, वकार गुड्डू के साथ खजराने के कई बड़े नाम इस लिस्ट में शामिल है। वार्ड 39 से सभी कांग्रेस से टिकट मांगने वाले नेता भी इस टीम में मामू को जिताने में लग गए है। इकबाल खान को पहला चुनाव जीताने में भी इस टीम ने अहम किरदार अदा किया था मैं नहीं हम, की टीम इकबाल का कितना नुकसान करेगी और वाहिद अली का कितना फायदा ये वोटिंग के बाद ही पता चलेगा।
-9977862299

You might also like
Leave A Reply

Your email address will not be published.