आयुष्मान कार्ड में बड़ा फर्जीवाड़ा, एक ही मोबाइल नंबर पर बन गए साढ़े 7 लाख कार्ड

10 मोबाइल नंबरों पर लाखों फर्जी कार्ड : कैग ने लोकसभा में रिपोर्ट प्रस्तुत की

Big fraud in Ayushman card, 7.5 lakh cards made on same mobile number

नई दिल्ली (ब्यूरो)। केन्द्र सरकार की जन स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम करने वाली योजना आयुष्मान गहरे संकट में उलझ गई है। इस योजना के तहत देश की बड़ी आबादी को मुफ्त इलाज दिया जा रहा था परंतु केग द्वारा दी गई रिपोर्ट कल लोकसभा में पेश करने के बाद इस योजना में हो रही धांधलियों के सामने आने के बाद नेशनल हेल्थ अथर्टी के हाथ-पांव भी फुल गए। Big fraud in Ayushman card सरकार आयुष्मान योजना का दायरा मध्यम वर्ग परिवारों को जोड़ने के लिए बढ़ाने का जो विचार था वह अब रुक गया है। आयुष्मान योजना में केग की रिपोर्ट में बताया गया है कि एक ही मोबाइल नंबर पर साढ़े 7 लाख आयुष्मान कार्ड बनाकर मुफ्त इलाज ले लिया गया। ऐसे 8 नंबरों पर अस्पतालों में इलाज कराए गए हैं। दूसरी ओर कई अस्पताल ऐसे जोड़े गए हैं जिनके यहां पलंगों की व्यवस्था भी नहीं है। अब पूरा मामला नए सिरे से जांच के लिए लिया गया है।

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जन स्वास्थ्य योजना आयुष्मान के भुगतान जहां पहले से ही विवादों में रहे हैं, कई अस्पतालों को भुगतान प्राप्त करने के लिए भी भुगतान देने पड़ रहे हैं। आयुष्मान योजना में बड़ी आबादी को 5 लाख तक का इलाज निजी अस्पतालों में मुफ्त दिया जाता है। इस योजना के दो भाग हैं। एक भाग लाभार्थियों का है जिन्हें मुफ्त इलाज मिलता है। दूसरा भाग अस्पतालों का है जो इलाज कर रहे हैं। केग की रिपोर्ट में बताया गया है कि आयुष्मान के लिए ऐसे पंजीयन किए गए हैं जो पूरी तरह फर्जी नंबर हैं। एक मोबाइल नंबर जिसमें 9999 है, इसमें एक ही नंबर पर साढ़े 7 लाख आयुष्मान कार्ड बन गए। वहीं 8888 नंबर के मोबाइल पर 1 लाख 39 हजार कार्ड बने हैं। वहीं 9 हजार नंबर के मोबाइल पर 1 लाख पंजीयन हो गए। इसी प्रकार 1 नंबर पर 1 हजार तो 1 नंबर पर 10 हजार तक आयुष्मान कार्ड पंजीकृत होकर इनमें से करोड़ों के भुगतान ले लिए गए हैं। Big fraud in Ayushman card इस नेटवर्क को केग की रिपोर्ट में दिखाया गया है। इसमें बड़ी तादाद में आधार कार्ड फर्जी पाए गए हैं। केग की रिपोर्ट के बाद इस आयुष्मान योजना को नियंत्रण कर रही नोडल एजेंसी नेशनल हेल्थ अथार्टी ने भी जांच के निर्देश दिए हैं। उल्लेखनीय है कि सरकार आयुष्मान योजना में मध्यमवर्गीय परिवार को जोड़ने के लिए भी तैयारी की जा रही थी परंतु केग की रिपोर्ट आने के बाद इसमें कई ऐसे अस्पतालों का जिक्र भी किया गया है जिनका इलाज नाम की सुविधा के साथ आपरेशन थियेटर भी नहीं है। सरकार की यह योजना पटरी से उतरने लगी है वहीं दूसरी ओर करोड़ों रुपए के भुगतान भी ले लिए गए हैं। कई लोगों के पास एक ही आधार कार्ड पर दो-दो आयुष्मान कार्ड भी पाए गए हैं।

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