दो करोड़ से अधिक की कमाई हो रही है शराब के काले काम में

गुजरात के शराब कारोबारी ने तीन संभागों के शराब ठेकेदारों और अधिकारियों को नहला दिया

इंदौ

इस समय शराब के खेल में ऐसी गंगा बह रही है कि शराब ठेकेदारों से लेकर अधिकारियोंं तक भरपूर डूबकी लगाने का आनंद ले रहे हैं। हर दिन दो करोड़ रुपये से ज्यादा के दो नंबर की कमाई का पूरा खेल कुछ इस प्रकार खेला जा रहा है कि ठेकेदारों के घाटे भी पूरे हो गये हैं। हालत यह है कि ३५ करोड़ के घाटे में शराब दुकान बंद करने वाले ठेकेदार भी जिंदा हो गये हैं। इस पूरे खेल के पीछे गुजरात के एक बड़े शराब कारोबारी की अहम भूमिका है जिसे बड़ा राजनैतिक संरक्षण बताया जा रहा है। इसका नाम अल्केश बताया जा रहा है जो अभी झाबुआ से बैठकर फैक्ट्रियों से सीधे पर्सनल कन्साइंटमेंट ठेकेदारों के उठाकर गुजरात, महाराष्ट्र और गोवा तक भेज रहा है। इस मामले में मार्ग में पड़ने वाले थाने भी सधे हुए हैं यदि कोई शराब से भरी गाड़ी पकड़ा भी रही है तो हाथों हाथ कागज उपलब्ध हो रहे हैं।

शराब के इस अवैध कारोबार में ठेकेदारों और आबकारी अधिकारियों के बीच पिछले दिनों एक बैठक शराब की दरें बढ़ाने को लेकर हुई थी। उसी दौरान आबकारी विभाग के अधिकारियों ने ही ठेकेदारों के साथ अल्केश का समन्वय बैठाया। जो शराब ठेकेदार अपनी शराब पचास से साठ प्रतिशत कम पर बेच रहे थे अब वे तस्करी के इस खेल में शामिल हो गये हैं। फैक्ट्री की जितनी भी दो नंबर की शराब यानी पीसीएम (पर्सनल कन्साइंटमेंट) यही शराब कारोबारी उठा रहा है।

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अब किसी भी शराब ठेकेदार को अपनी शराब के कन्साइंटमेंट के लिए परेशान नहीं होना पड़ रहा है। अल्केश २५ प्रतिशत कम पर सारे परमिट उठा रहा है और शराब वेयरहाउस से मिक्स करके सीधे गुजरात, गोवा, महाराष्ट्र और दक्षिणी राज्यों में जा रही है। इंदौर, उज्जैन, भोपाल तीनों जगहों से अब दो नंबर की शराब तीन नंबर की होकर तेजी से उठ रही है।

एक एक ठेकेदार से पचास पचास लाख के परमिट लिए जा रहे हैं। गुजरात के इस कारोबारी ने सांवेर रोड़ पीथमपुर में इस काम के लिए फैक्ट्री भी ले ली है जिसमे अवैध शराब का पूरा कामकाज खेला जा रहा है। शराब ठेकेदारों का फायदा यह हो रहा है कि जो माल वे पचास प्रतिशत कम पर उठवा रहे थे वह पच्चीस प्रतिशत कम पर सीधे बिक रहा है। ठेकेदारों की मिनिमम ग्यारंटी भी इस समय अल्केश ही उठा रहा है। हर दिन पूरा कारोबार नगद पर खेला जा रहा है। झाबुआ से लेकर खेतिया तक दनादन ट्रकों से शराब दौड़ रही है। इस पूरे अवैध कारोबार में दो करोड़ रुपये रोज की कमाई अल्केश और उसका गिरोह कर रहा है। पूरा नेटवर्क इस समय झाबुआ से बैठकर चलाया जा रहा है। कई बड़े तस्कर भी अब इस कारोबार में शामिल हो गये हैं। विभाग के छोटे कर्मचारी भी इस खेल के होने पर कह रहे हैं कि करोड़ों की अवैध कमाई के हमाम में सभी नंगे हो गये हैं।

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