इंदौर। भाजपा में संगठन सर्वोपरि मानकर सभी नेता व कार्यकर्ता काम करते रहे है व इसकी कमान हमेशा संभागीय संगठन मंत्री के पास रहती थी लेकिन कुछ समय पूर्व ये पद ही समाप्त कर दिया गया जिसके कारण न केवल नेता बल्कि कार्यकर्ता भी मनमानी कर करते नज़र आ रहे है क्योंकि कोई भी लगाम पकड़ने वाला नहीं है। इसी कारण कई पदाधिकारी ही खुद के या परिजनों के टिकिट लेकर मैदान में आ गए है जिसके कारण संगठन बिखरा बिखरा नज़र आ रहा है। अभी तक भाजपा संगठन की एक भी बड़ी बैठक नहीं हुई है। लगभग हर वार्ड में संगठन के बिना ही उम्मीदवारों को मैदान में लड़ना पड़ रहा है।
