इंदौर के भाजपा उम्मीदवारों का खाका भी अब खींच गया

डा. निशात खरे और गौरव रणदिवे दावेदारी में अभी सबसे आगे

इंदौर। कल केंद्रीय नेतृत्व ने जिस प्रकार से भाजपा BJP उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया गया। इसे लेकर जो जानकारी संगठन के स्तर पर बाहर आ रही है। उसमें यह संकेत है कि बैठक में गए दिग्गजों को भी यह जानकारी नहीं थी कि कल कोई सूची जारी हो रही है। दूसरी ओर इस सूची के बाद यह तय हो गया है कि अब उम्र और हारने वाली सीटों पर उम्मीदवार बदले जाएंगे। यह भी तय हो गया है कि बहुुत ज्यादा फेरबदल नहीं होगा। जो नेता यह दावा कर रहे थे कि बड़े पैमाने पर उम्मीदवार बदले जाएंगे वह भी नहीं रहा। इसी के साथ इंदौर के उम्मीदवारों का खाका भी खींच गया है। इसमें केवल तीन उम्मीदवारोंके फेरबदल की संभावना है और सबसे ज्यादा महू विधानसभा में फेरबदल के आसार बन गए है। महू से डा. निशात खरे दावेदारी के साथ तैयारी शुरू कर चुके हैं। वहीं नगर अध्यक्ष गौरव रणदिवे क्षेत्र क्रमांक 5 से तैयारी कर रहे है। जयपाल चावडा आगे भी प्राधिकरण के अध्यक्ष ही रहेंगे।

राऊ विधानसभा से जैसे ही मधु वर्मा के नाम की घोषणा हुई वैसे ही अन्य नेताओं में हलचल बढ गई। कई नेताओं की नज़र इस विधानसभा पर थी, लेकिन संगठन ने वर्मा पर भरोसा जता कर बता दिया कि टिकिट के लिए बड़े नेताओं से संबंध काम नही आएंगे। जो जमीनी होगा, उसी को मौका मिलेगा। अब इंदौर की बची हुई सीटों पर मंथन प्रारम्भ हो चुका है। संगठन अब जीते हुए नेताओं पर कोई प्रयोग नहीं करेगा। जो जहां है, वहीं से उम्मीदवार होगा, इससे यह तय हो चुका हैं कि रमेश मेंदोला , मालिनी गौड़ , आकाश विजयवर्गीय फिर से चुनावी मैदान में होंगे । पूर्व विधायक सुदर्शन गुप्ता पर संशय बरकरार है। bjp political news

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भाजपा में अब 3 ही विधानसभा ऐसी बची है, जहाँ नए नेता को मौका मिल सकता है। 1नम्बर में सुदर्शन गुप्ता मुश्किल में जरूर नज़र आ रहे है, लेकिन उन्हें केंद्रीय मंत्री नरेन्द्रसिंह तोमर पर भरोसा बरकरार है। यहां मंत्री उषा ठाकुर के आने की उम्मीद बढ़ गई है। क्योंकि वे यहां से विधायक रह चुकी है और महू से भाजपा परिवर्तन कर निशांत खरे को मौका देना चाह रही है। इधर, देपालपुर से जयपालसिंह चावड़ा लगे हुए है। वहीं गौरव रणदिवे 5 नम्बर से लॉबिंग कर रहे है । हार्डिया क़ा यहां अब खुलकर विरोध शुरू हो चुका है, जिसके कारण संगठन युवा चेहरा उतार सकती है। Ramesh Mendola

सुदर्शन गुप्ता की विधानसभा में भी कई दावेदार है, लेकिन गुप्ता किसी से सामंजस्य नही बैठा पाए है और उनके हारने के बाद उनके विरोधी ओर अधिक बढ़ गए है।

 

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