इंदौर मौसम- नवंबर के दूसरे सप्ताह में हल्की बौछारों के साथ कंपकंपाएगी शीतलहर

2021 में दस बार शीतलहर का प्रकोप तो 16 कोल्ड-डे रहे, इस बार टूटेगा ज्यादा कहर

इंदौर मौसम

इंदौर। (इंदौर मौसम)

सर्दी के मौसम शुरू हो गया है। दिन और रात के तापमान में गिरावट का दौर जारी है। इधर, नवंबर के दूसरे सप्ताह में इंदौर सहित पश्चिमी मध्यप्रदेश में हल्की बौछारों के साथ शीतलहर चलने की संभावना है। वेस्टर्न डिस्टरबेंस की वजह से पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी की भी संभावना है। पिछले वर्ष जहां दस बार शीतलहर का प्रकोप झेलना पड़ा था तो १६ दिन कोल्ड-डे रहे। मौसम विशेषज्ञों का मानना है, कि इस साल पिछले साल की तुलना में ठंड का कहर कहीं ज्यादा टूटेगा और सर्दी का यह दौर भी लंबा चलेगा।

मौसम विभाग के अनुसार, अगले चार माह पहाड़ी राज्यों से लेकर मध्यभारत तक के सभी राज्यों में कड़ाके की सर्दी पड़ सकती है। इस समय उत्तर, पश्चिम से लेकर मध्य भारत तक शुष्क पश्चिमोत्तर हवाएं चल रही हैं। उत्तर के पहाड़ों पर बर्फबारी के बाद ये हवाएं बर्फीले इलाकों से गुजरती हुई मध्यभारत तक शीतलहर लेकर पहुंचेंगी। बताया जाता है कि पिछले ११ वर्षों में इस वर्ष अक्टूबर सबसे सर्द माह रहा है। इधर, अगले माह ७-८ नवंबर के बाद इंदौर सहित मध्यप्रदेश के अधिकांश जिलों में तापमान में तेजी से गिरावट होगी।

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इधर हवाओं की दिशा बदलने से दिन और रात के तापमान में सामान्य गिरावट का दौर जारी है। पिछले तीन दिन में यह दो डिग्री तक गिर चुका है। अगले सप्ताह तक नवंबर में तापमान का नया रिकार्ड बन सकता है। गौरतलब है कि पिछले वर्ष २३ दिसंबर को सबसे कम तापमान ७ डिग्री दर्ज किया गया था। गौरतलब है कि इस बार ठंड पिछले तीम सालों के मुकाबले ज्यादा पड़ने के आसार है क्योंकि इस बार बारिश भी काफी ज्यादा हुई है और अभी दिन में उमस और रात में ठंड का माहौल बना हुआ है।

45 दिन 10 डिग्री के नीचे था पिछले साल पारा

– 2021 में साल 15 अक्टूबर से 15 फरवरी तक 120 दिनों में 93 दिन और 81 रात में ठंड पड़ी थी। इनमें 45 दिन कड़ाके की ठंडक रही थी।
– इन 45 दिनों में पारा 10 डिग्री के आसपास या उससे नीचे रहा था। रिकॉर्ड तोड़ ठंड के दौरान 16 कोल्ड डे रहे और 10 शीतलहर भी चली थी।
– 31 अक्टूबर को ही शीतलहर जैसे हालात बन गए थे। २३ दिसंबर को पारा 7 डिग्री पर पहुंच गया था।
-२७ दिसंबर २०२० को महानगर में सबसे कम ९ डिग्री तापमान दर्ज किया गया था।

3 माह से ज्यादा सर्दी पड़ने के आसार…

मध्यप्रदेश के ज्यादातर हिस्से में लंबी सर्दी पड़ने के आसार हैं। मौसम जानकारों का मानना है कि इसका असर नवंबर के दूसर सप्ताह से ही दिखना शुरू हो जाएगा। इस दौरान दिन का तापमान भले ही ज्यादा रहे, लेकिन रातें लगातार ठंडी होने लगी हैं। मिल रहे संकेतों के मुताबिक इस बार भी ठंड की अवधि 90 दिन या उससे ज्यादा की हो सकती है। जनवरी और- फरवरी को बिंटर सीज़न में काउंट किया जाता है। सामान्यत: इंदौर में दिसंबर से ठंड बढ़ती है। इसका पीक जनवरी में होता है। महानगर इंदौर में मौसम की अवधि 80 से ८५ दिन की मानी जाती है। इधर, इस वर्ष पिछले वर्ष की तुलना में कहीं ज्यादा कोल्ड-डे रहने की आशंका भी जताई जा रही है।

(इंदौर मौसम)

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