12 लाख हेलमेट की जरूरत, बाजार में उपलब्ध नहीं होने से बढ़ेगी कालाबाजारी

दो पहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट अनिवार्य किए जाने के बाद हड़कंप

helmet  हेलमेट
हेलमेट

इंदौर।शासन व्दारा दो पहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट अनिवार्य किए जाने के बाद एक ओर जहां महानगर में हेलमेट की बिक्री बढ गई है, वहीं हेलमेट की कमी भी महसूस होने लगी है। हालात यह है कि बाजार में हेलमेट की मांग बढने के साथ ही इनकी कीमतों में भी खासी वृद्धि हो गई है। इधर, शहर में वाहनों की संख्या को देखते हुए बाजार में इतने हेलमेट ही उपलब्ध नहीं हैं।

अब यदि यातायात पुलिस व्दारा बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों और सवार के खिलाफ चालानी कार्रवाई की जाती है तो शासन का खजाना तो भर जाएगा, लेकिन वाहन चालकों को हेलमेट उपलब्ध नहीं होंगे।

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उल्लेखनीय है कि महानगर में तकरीबन १६ लाख दो पहिया वाहन हैं। दूसरी ओर महज ढाई-तीन लाख वाहन चालकों के पास ही हेलमेट हैं। इधर रोजना शहर में तीन सो से अधिक दो पहिया वाहन रोजना खरीदे जाते हैं। इस स्थिति में शहर के वाहन चालकों को लगभग १२ लाख हेलमेट की आवश्यकता होगी। मजेदार बात यह है कि इतने हेलमेट तो बाजार में भी उपलब्ध नहीं हैं। यदि ये दो पहिया वाहन चालक हेलमेट खरीदना भी चाहें तो बाजार में इतने हेलमेट ही उपलब्ध नहीं होंगे। हाल-फिलहाल एक आईएसआई मार्का हेलमेट की कीमत ७०० से १५०० रुपए तक है। यदि किसी परिवार में दो या तीन दो पहिया वाहन है तो कम से कम चार-छ: हेलमेट खरीदना होगा। ऐसी स्थिति में लोगों का बजट ही बिगड़ जाएगा।

त्यौहारी सीजन में और बढेगा वाहनों का आंकड़ा

इंदौर में गणेशोत्सव से आटोमोबाइल सेक्टर में उछाल देखने को मिल रहा है। गणेशोत्सव और नवरात्र में भी इंदौर में वाहनों की अच्छी बिक्री हुई थी। अब दशहरे पर शहर में ५ हजार से अधिक दो पहिया वाहन बिकने की उम्मीद है। इसके बाद पुष्य नक्षत्र और दीपावली पर भी वाहनों की जमकर बिक्री होगी। इस दीपावली पर इंदौर में कुल वाहनों का आंकड़ा बढ़कर साढ़े 23 लाख तक पहुंच जाएगा, जबकि इंदौर जिले में कुल वयस्क मतदाताओं की संख्या ही करीब साढ़े 26 लाख है। कोरोना संक्रमण के बाद सभी क्षेत्रों में निराशा थी, लेकिन इस साल बाजार में उठाव देखने को मिल रहा है। वाहन निर्माता कंपनियों का प्रोडक्शन भी ठीक है। लोगों ने त्योहार पर वाहन लेने के लिए पहले ही बुकिंग कर ली थी। अब शुभ मुहुर्त देख कर डिलीवरी ले रहे हैं।

कालाबाजारी बढने की आशंका

जिस प्रकार शासन ने दो पहिया वाहन चलाने वाले एवं उस पर सवारी करने वाले के लिए हेलमेट अनिवार्य किया है, उससे अब इनकी कालाबाजारी की आशंका भी उत्पन्न हो गई है। वजह यह कि शहर के बाजारों में आवश्यकता के अनुसार इतनी बड़ी मात्रा में हेलमेट ही उपलब्ध नहीं हैं। चूंकि यातायात पुलिस बिना हेलमेट दो पहिया वाहन चलाने वालों के चालान बनाएगी, इसलिए लोग मजबूरी में हेलमेेट तो खरीदेंगे, लेकिन हेलमेट की कमी के चलते इनकी कालाबाजारी की आशंका से भी इंकार नहीं किया जा सकता। अब देखना यह है कि आगे-आगे होता है क्या…।

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