ई-प्रचार छह गुना महंगा हुआ

मध्यप्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव में प्रत्याशी ले रहे सोशल मीडिया का सहारा

भोपाल (ब्यूरो)। मध्यप्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव प्रचार के साथ ही बाजारों में रौनक लौटने लगी है। प्रत्याशी प्रत्यक्ष व ई-प्रचार पर जमकर पैसा खर्च करेंगे, लेकिन इस बार ई-प्रचार करना महंगा हो गया है। पिछले कुछ दिनों में इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म मुख्यत: फेसबुक ने पेज पर लाइक्स बटोरने की राशि छह गुना तक बढ़ा दी है। पहले जहां 50 पैसे में पेज पर एक लाइक आता था, वह कीमत अब तीन रुपए हो गई है। इसी प्रकार पोस्ट पर पैसा लगाकर उसे बूस्ट करना भी 30 रुपए महंगा हो गया है। पिछले चुनाव तक यह राशि न्यूनतम 50 रुपए व 18 प्रतिशत जीएसटी थी, जो अब बढ़ाकर 80 रुपए व 18 प्रतिशत जीएसटी कर दी गई है।

ई-प्रचार के लिए ज्यादातर प्रत्याशी फेसबुक पर ही निर्भर हैं, क्योंकि इस इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म पर उपयोगकर्ता को लाइक्स, शेयर और बूस्ट करने के लिए क्षेत्र, आयु वर्ग सहित अधिकतम पहुंच के विकल्प मिलते हैं। इसके अलावा आसान प्लेटफार्म होने के कारण इसके यूजर्स भी बड़ी संख्या में हैं। सभी राजनेता आजकल वर्चुअल प्रचार के लिए फेसबुक का उपयोग करते हैं। अब महापौर और पार्षद पद के दावेदारों ने अपने-अपने फेसबुक पेज तैयार करना शुरू कर दिया है। ये प्रत्याशी ई-प्रचार में पैसा खर्च करेंगे, ताकि उनकी चुनावी गतिविधियों व जनसंपर्क की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे लेकिन उन्हें अब यह प्रचार पिछले चुनाव के मुकाबले महंगा पड़ेगा। गत विधानसभा उपचुनाव 2020 में ई-प्रचार के लिए फेसबुक पर न्यूनतम बूस्ट की राशि जीएसटी सहित 59 रुपए थी, जो अब बढ़कर 95 रुपए हो गई है। इसी प्रकार पेज पर 100 लाइक्स इक_े करने के लिए लोगों को 50 रुपए के बजाय 300 रुपए खर्च करने पड़ रहे हैं।

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