नई दिल्ली (ब्यूरो)। कल केन्द्र सरकार द्वारा जारी किए गए थोक महंगाई सूचकांक में 24 साल बाद थोक महंगाई 15 फीसदी बढ़ने का असर इस महीने के अंत तक फुटकर महंगाई पर दिखाई देने लगेगा। इसमें से 10 प्रतिशत महंगाई अब आम आदमी के जेब तक पहुंचने जा रही है। आने वाले समय में यानी जून और जुलाई में इसके असर बाजार में दिखाई देने लगेंगे। यह महंगाई की मार अब तक की सबसे कठिन और जिद्दी महंगाई रहेगी, जिसकी वापसी की उम्मीद अब नहीं रहेगी। दूसरी ओर महंगाई के बढ़ने का लाभ जहां सरकार के खजाने में टैक्स के रूप में दिखाई देगा तो वहीं आम आदमी के खर्च हर महीने एक हजार रुपए तक और बढ़ जाएंगे।
दूसरी ओर सरकार के खजाने में महंगाई से टैक्स में भारी इजाफा लगातार थोक महंगाई के बढ़ने और कच्चे माल की कमी के कारण उद्योगों ने भी अब कीमतें बढ़ाने में कोई कमी नहीं रखी है। उनके पास कोई विकल्प नहीं है, ऐसे में आने वाले समय में इस महंगाई का असर खुदरा महंगाई बनकर आपके दरवाजे तक पहुंचेगा। ताजा संकेत बता रहे हैं कि गेहूं आने वाले समय में 11 प्रतिशत तक महंगा होगा और खनिज (कमोडिटी) में 21 प्रतिशत की महंगाई और उछलेगी। उल्लेखनीय है कि पेट्रोल और डीजल पर 69.7 प्रतिशत महंगाई बढ़ी है। दूसरी ओर धातु पर भी आने वाले समय में महंगाई 25 प्रतिशत और बढ़ेगी। 2005 के बाद पहली बार देश में महंगाई असहनीय स्तर पर पहुंच गई है। खाद्य तेल 23 प्रतिशत तक महंगे होने जा रहे हैं। यानी अब खाने की थाली से कुछ सामान अपने आप कम हो जाएंगे वहीं रुपए की लगातार गिरावट के चलते देश में आयातीत महंगाई भी शुरू होने जा रही है। दूसरी ओर लगातार महंगाई बढ़ने से केन्द्र सरकार का टैक्स रेकार्ड स्तर पर पहुंच रहा है। इस बार भी मई के जीएसटी कलेक्शन के आंकड़े पिछले सभी रेकार्ड तोड़ने जा रहे हैं। वहीं आने वाले समय में भयावह महंगाई से हर आदमी को दो-दो हाथ अगले महीने से ही शुरू करना होंगे।