राष्ट्रीय राजमार्ग अब अपनी सड़कें और जमीन बेचेगा

3 लाख करोड़ से ज्यादा का कर्ज होने के बाद

नई दिल्ली (ब्यूरो)। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण अपने 50 साल के जीवन में कर्ज के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। 3 लाख 44 हजार करोड़ के कर्ज में डूबा एनएचएआई अब अपनी संपत्ति और सड़कें बेचकर कर्ज चुकाएगा। अगले साल टोल से मात्र 72 हजार करोड़ ही आय होगी, जबकि इससे ज्यादा की राशि उसे ब्याज और किस्त के रूप में चुकाना है।
एनएचएआई अब जहां बेहतरीन सड़कों पर चलना और महंगा करने जा रही है वहीं राजमार्ग के किनारे बड़ी तादाद में जमीनें बेचकर होटल और वेयरहाऊस का निर्माण करेगी। इसी के साथ कई प्रोजेक्ट निजि हाथों में भी दिए जाने को लेकर लगभग सहमति पूरी हो चुकी है। एनएचएआई 25 हजार करोड़ की टोल सड़कें टीओटी (टोल ऑपरेट ट्रांसफर) के आधार पर देने जा रही है। इसके अलावा 19 हजार करोड़ की संपत्ति बेचने को लेकर भी सहमति बन चुकी है। केन्द्र सरकार ने अब एनएचएआई को किसी भी प्रकार के नए ऋण लेने के लिए बाजार में जाने पर रोक लगा दी है। इसका कारण यह है कि एनएचएआई पर बनी 3 लाख 44 हजार करोड़ की देनदारी के बाद अब पूरा विभाग कर्ज के जाल में फंस गया है और दूसरी ओर सरकार को टोल से उतनी आय नहीं हो रही है जितनी होनी चाहिए थे। अभी भी कई प्रोजेक्ट अधूरे ही पड़े हुए हैं, जिन पर काम नहीं हो पा रहा है।

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