कश्मीर फाइल्स पर 57 सेकंड की अनटोल्ड कश्मीर का तमाचा

600 नहीं 20 हजार कश्मीरी शिकार हुए हैं आतंकवाद के

नई दिल्ली (ब्यूरो)। मुंबइया कश्मीर फाइल का जवाब देने के लिए कश्मीर पुलिस ने 57 सैंकड़ की एक ओर कश्मीर फाइल जारी की है। यह 57 सैंकड़ देशभर को यह बता रहे हैं कि आतंकवाद की आग में केवल कश्मीरी पंडित ही नहीं झुलसे हैं, बल्कि 20 हजार से ज्यादा लोग यहां मौत के शिकार हुए हैं। 2 दिन में इसे देखने वालों की संख्या सवा लाख से ऊपर हो चुकी है। 170 मिनट की मुंबइया कश्मीरी फाइल जो सांप्रदायिक दुर्गंध से भरी पड़ी है उसके जवाब में 57 सैंकड़ की यह कश्मीरी फाइल बहुत भारी है। इस कश्मीरी फाइल का नाम ‘अनटोल्ड कश्मीर फाइलÓ है।
कश्मीर पुलिस द्वारा निर्मित की गई यह अनटोल्ड कश्मीर फाइल में वह प्रकरण बताए गए हैं जो सामने नहीं आए हैं। फाइल की शुरुआत में ही सैंकड़ों औरतें रोते हुए दिखाई गई हैं। इसमें आधी विधवा हैं जिनके शोहरों का बरसोंबरस से पता नहीं है। यतीम बच्चे हैं, जिनकी शिनाख्त केवल यतीम के रूप में है। मारने वाले आतंकी थे और मरने वाले हिन्दुस्तानी। फाइल में बताया गया है कि घाटी में मारे जाने वाले लोग हर मजहब के थे। जिन्होंने भी विरोध किया वे मारे गए। सब मिलकर इससे लड़ रहे थे। इस बीच इस सुर्ख पट्टी पर यह भी लिखा आता है कि उग्रवादियों ने पुलिस विभाग में पदस्थ युवा अधिकारी अशफाक एहमद के घर घुसकर उसे और उसके भाई उमरजान की हत्या तो की ही साथ ही परिवार को भी मार दिया। यह आतंकवाद का एक हिस्सा है। फिर उभरते हैं वह पीले अक्षर जिसमें लिखा आता है आतंकवाद में कश्मीर और कश्मीरियत को बचाने में 20 हजार लोगों की जानें गई हैं। इसमें कश्मीर पुलिस में पदस्थ वे जवान और अधिकारी भी शामिल हैं जिनका कोई जिक्र नहीं करता। इसमें यह भी बताया जा रहा है कि कितने मुस्लिम परिवार अपने पड़ोसियों को बचाने में अपने परिवार से जुदा हो गए। कश्मीर पुलिस द्वारा बनाए गए इस वीडियो में मशहूर शायर की लाइनें भी दर्ज है जिसमें कहा गया है कि ‘आज भी जिंदा हैं मर के भी फिजाओं में, बस मार देेने से कोई मुर्दा नहीं होता। हम आह भी भरते हैं तो हो जाते हैं बदनाम, वो कत्ल भी करते हैं तो चर्चा नहीं होतीÓ।इस पूरी फिल्म के अंत में यह बताया गया है हम कश्मीर हैं, हम देखेंगे, जुल्मो-सितम रुई की तरह उड़ जाएंगे, हम कश्मीर हैं, हम देखेंगे।

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