सैकड़ों तितलियों का जीवन बचाकर आसमान में उड़ा रहे हैं

इंदौर में सुबोध नातू का सराहनीय कार्य आदर्श बन गया है

इंदौर। एक ओर जहां शहर में पर्यावरण और पक्षियों को लेकर आमजनों में उपेक्षा का माहौल बना रहता है। वहीं दूसरी ओर कुछ लोग ऐसे भी है जो अपना जीवन कुछ ऐसे कार्यों में समर्पित करते हैं जो भविष्य के लिए दिशा देने योग्य होता है। इंदौर के ही एक सज्जन लंबे समय से पेड़ों की पत्तियों पर तितलियों द्वारा दिये गये अंडों को जिन्हें चिड़ियाएँ खा जाती थी उन्हें बचाकर प्रजनन के लिए सुरक्षित कर वे हर साल सैकड़ों तितलियों को आकाश में उड़ते हुए देखते है। वहीं दूसरी ओर सिरपुर तालाब पर अभी तक बनने वाले बटरफ्लाई गार्डन ने आकार नहीं लिया है।
आज हम आपको ऐसे व्यक्ति से परिचित करवा रहे है जिनका लंबा जीवन तितलियों के लिए समर्पित रहा है। यह है सुबोध नातू जो एक बेहतरीन फोटोग्राफर भी है और कई राष्ट्रीय पुरुस्कारों से नवाजे जा चुके है। तात्कालीन राष्ट्रपति डॉ. शंकरदयाल शर्मा भी उन्हें साक्षरता मिशन के लिए राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित कर चुके है। वे इन दिनों तितलियों के जीवनचक्र को बचाने में बीस बीस घंटे लगातार वृक्षों के पत्तियों पर दिये गये तितलियों के अंडों को सहेजने में लगे हुए हैं। उन्होंने अपनी एक फिल्म में तितलियों के जीवनचक्र के अलावा इंदौर में तितलियों की मिलने वाली अलग अलग प्रजातियों के फोटो भी समेटे हैं। उल्लेखनीय है कि तितलियों के जो अंडे तितलियां पत्तों पर देती है और वे इल्ली के रुप में विकसित होने पर जैसे ही दिखना शुरु होती है चिड़िया व अन्य पक्षी उन्हें खा जाते हैं। नातू इन पत्तों को सुरक्षित कर इन पर पैदा हो रही तितलियों को जीवन देने के लिए जुट जाते हैं। उन्होंने बताया कि इंदौर में ही सौ प्रकार की तितलियों की प्रजाति मौजूद है। जिनमे कुछ बेहद सुंदर भी हैं। यह प्रकृति की सबसे बड़ी विरासत है और इसे बचाये रखना हमारा भी धर्म है। हर साल वे सैकड$़ों तितलियों को तैयार होने के बाद आसमान में उड़ते हुए देखते हैं। दूसरी ओर सरकार के लाखों रुपए खर्च होने के बाद भी अभी तक सिरपुर तालाब पर बटरफ्लाई गार्डन तैयार नहीं हो पाया है। और ना ही यहां पर तितलियों की प्रजातियों को संरक्षित करने को लेकर कोई तैयारी अभी फिलहाल दिखाई देती है।

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