पश्चिमी रिंग रोड : किसानों ने अधिकारियों को खदेड़ा
इंदौर-बुधनी रेल लाइन के लिए नहीं देंगे जमीन

इंदौर। पूर्व जनपद सदस्य एवं किसान नेता हंसराज मंडलोई ने बताया कि तीन दिन पहले कनाडिय़ा तहसील के रेलवे प्रभावित गांव खाती पिपलिया, जगमाल पिपलिया, हरणखेड़ी जैसे गांव में रेलवे अधिकारियों ने तांडव मचाते हुए प्रशासनिक अधिकारियों की मदद से अन्नदाताओं की खड़ी फसल पर जेसीबी चलाकर नष्ट करके कब्जा ले लिया था।
इस लालच में आकर रेलवे अधिकारी आज सांवेर तहसील के कदवाली बुजुर्ग, लसूडिय़ा परमार, राऊखेड़ी, डकाच्या आदि गांवों में जमीन पर कब्जा करने पहुंचे तो अन्नदाताओं के अंदर सुलग रहा। असंतोष लावा के रूप में भड़क गया एवं कुछ ही देर में आसपास के सैकड़ों प्रभावित किसान मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों को घेरकर चेतावनी दी की किसी भी हालत में जब तक हमें बाजार मूल्य का चार गुना मुआवजा नहीं मिलता, तब तक आपको किसी भी कीमत पर जमीन पर कब्जा नहीं करने देंगे।
इस मौके पर सांवेर विधानसभा क्षेत्र के किसान नेता विजय बंटी राठौर के साथ डकाच्या ग्राम पंचायत के सरपंच लखन पटेल, शोभाराम पटेल, लखन चौधरी के साथ वरिष्ठ भाजपा नेता डूंगरसिंह पटेल ने रेलवे व प्रशासनिक अधिकारियों से तीखे प्रश्न किया। वहीं चेतावनी दी की जब तक किसानों की मांगे सरकार मंजूर नहीं करती, तब तक किसी भी हालत में जमीन पर कब्जा करने के लिए आपको हमारी और परिवार की लाशों के ऊपर से गुजरना पड़ेगा।
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इस मौके पर अनेक प्रभावित किसानों ने विधायक और कैबिनेट मंत्री तुलसी सिलावट एवं सबसे ज्यादा वोटो से जीतने वाले सांसद शंकर लालवानी को फोन लगाया एवं उनसे कहा कि हमारी खड़ी फसल पर अधिकारियों को कब्जा करने से रोको तो दोनों नेताओं ने दोहरी बात करते हुए प्रशासन का पक्ष लिया, जिसकी जितनी निंदा की जाए कम है। किसानों ने सरकार से मांग की है कि जब तक हमें हमारी जमीन का बाजार मूल्य से चार गुना मुआवजा नहीं मिलता।
प्रभावित परिवार के युवा को सरकारी नौकरी नहीं मिलती, खातेगांव में कलवार घाट से धन तालाब घाट तक रेलवे लाइन का रूट ड्राइवर्शन करते हुए सरकारी एवं वन भूमि से नहीं निकाला जाता। तब तक हम किसी भी स्थिति में सरकार को जमीन का कब्जा नहीं देंगे।
किसानों ने सांसद शंकर लालवानी एवं मंत्री सिलावट के ऊपर विश्वासघात का आरोप लगाते हुए कहा की इन दोनों नेताओं ने हमें मुगालते में रखकर हमारे वोट ले लिए और अब हमारी मदद नहीं कर रहे हैं। इस अवसर पर प्रभावित किसान हितेश पटेल, रवि पटेल, सुरेश मंडलोई, जितेंद्र पटेल, लखन चौधरी आदि उपस्थित थे।
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