भोपाल (ब्यूरो)। मंत्रिमंडल के गठन के कवायद के बीच भाजपा राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के मंत्री बनने की सहमति के बाद अब इंदौर के नामों को लेकर फिर पेंच फंस गया है। इंदौर से अब केवल दो ही मंत्री बनाए जाएंगे।
तुलसी सिलावट और रमेश मैंदोला के नाम पर भी संशय बना हुआ है वहीं मालिनी गौड़ और महेन्द्र हार्डिया में से किसी एक को मंत्री बनाया जा सकता है। पहली कैबिनेट में केवल 10 से 12 नामों को ही शपथ दिलाई जाएगी। प्रहलाद पटेल एवं राकेश सिंह के नामों पर भी सहमति बन रही है। आज दोपहर बाद नामों का ऐलान हो सकता है। लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखकर मंत्रिमंडल का गठन किया जाएगा। बैठक में इस बात पर भी मंथन किया गया है कि प्रदेश के 29 लोकसभा क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व मिल जाए। संसदीय क्षेत्रवार मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व दिया जा सकता है। वहीं मंत्रिमंडल में जातीय और क्षेत्रीय समीकरण भी देखने को मिल सकता है। बताया जा रहा है पहली बार के विधायकों को भी मंत्रिमंडल में स्थान दिया जा सकता है। डा. मोहन यादव मंत्रिमंडल में महिलाओं की भी भागीदारी दिखेगी है।
कैबिनेट की पहली बैठक मकर संक्रांति पर उज्जैन में होगी, तीर्थ नगरी घोषित करेंगे
मध्य प्रदेश मंत्रिमंडल (कैबिनेट) की पहली बैठक उज्जैन में होगी। बैठक में उज्जैन को तीर्थ नगरी घोषित किए जाने की तैयारी की जा रही है। महाकाल सवारी मार्ग को चौड़ा करने, उज्जैन-नागदा-जावरा मार्ग को फोरलेन में तब्दील करने और नानाखेड़ा बस स्टैंड से श्री महाकाल महालोक तक एलिवेटेड कारिडोर बनाने की योजना को हरि झंडी मिल सकती है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बैठक मकर संक्रांति पर या इसके आसपास कराने की बात मीडिया से साझा की है। सीएम यादव ने यह भी कहा कि अब मंत्रिमंडल की बैठक केवल राजधानी भोपाल में ही नहीं, बल्कि प्रदेश के अलग-अलग शहरों में होगी। शनिवार को उज्जैन में हुई प्रशासनिक बैठक में संभाग के नगर निगम आयुक्तों को शहर विकास की योजना जोनलवार बनाने को निर्देशित किया है। अगले माह होने वाली बैठक में उज्जैन की सड़कों को ट्रैफिक जाम से मुक्त करने के लिए उज्जैन स्मार्ट सिटी कंपनी द्वारा बनवाए 8500 करोड़ रुपये के ग्रीन ट्रैफिक मोबिलिटी प्लान को भी मंजूरी दी जा सकती है।
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