हजारों मध्यमवर्गीय परिवारों को इस साल मेडिक्लेम से वंचित किया

इस बार प्रीमियम में लगभग सौ प्रतिशत की वृद्धि कर दी बीमा कंपनियों ने...

Thousands of middle class families were deprived of mediclaim this year
Thousands of middle class families were deprived of mediclaim this year

इंदौर। एक ओर सरकार आयुष्मान योजना चलाकर गरीब परिवारों को पांच लाख तक के मुफ्त इलाज का लाभ दे रही है दूसरी ओर मध्यमवर्गीय परिवारों के सामने अब मेडिक्लेम पॉलिसी को लेकर बड़ा संकट खड़ा हो गया है। इस साल बीमा कंपनियों ने अपनी प्रीमियम में इतनी ज्यादा वृद्धि कर दी है कि आधे से ज्यादा मध्यमवर्गीय परिवार अब अपने परिवार को सुरक्षित रखने के लिए बीमे की पालिसी नहीं ले पायेंगे। ताजा आंकड़े बता रहे हैं कि पचास प्रतिशत से अधिक लोग अब इस बार बीमा कंपनियों से मुक्त हो रहे हैं। कई सालों से मेडिक्लेम पालिसी ले रहे उन लोगों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है जिन्होंने पालिसी का उपयोग कभी नहीं किया और वे इसे लगातार रिन्यू करवाते रहे। दुर्भाग्य की स्थिति यह है कि सरकारी कंपनियों ने अपनी प्रीमियम बड़ा दी तो प्रायवेट बीमा कंपनियों ने भी अच्छी खासी वृद्धि कर दी है।

बड़ी तादाद में मध्यमवर्गीय परिवार भले ही जीवनबीमा की पालिसी नहीं लेते हों पर अपने परिवार को सुरक्षित रखने और अपने बच्चों को संकट से बचाने के लिए मेडिक्लेम पालिसी जरुर लेते थे। बीमा कंपनियों ने लंबे समय से एक लाख रुपये तक की पालिसी समाप्त कर दी है अब इस साल दो लाख रुपये के इंश्योरेंस में दो लोगों पर ४६८१५ रुपये प्रीमियम कर दिया गया है जबकि पिछले साल तक यह बढ़कर २५७९० रुपये हुआ था ऐसे में अब बड़ी तादाद में मध्यमवर्गीय परिवारों के सामने नया संकट खड़ा हो गया है कि एक तो लंबे समय से जिन्होंने यह पालिसी ले रखी थी और किसी भी प्रकार का उपयोग नहीं किया था उन्हें भी कोई लाभ नहीं दिया जा रहा है। ऐसे में अब उन्हें नये सिरे से मेडिक्लेम पालिसी लेनी होगी। पहले हर साल अलग अलग स्थिति में बीमा कंपनियां पांच से पचास प्रतिशत तक नो क्लेम बोनस देती थी परंतु अब यह सब समाप्त हो गया है।

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यूनाइटेड इंश्योरेंस और स्टार हेल्थ के सूत्रों ने बताया कि प्रीमियम राशि बढ़ाये जाने के बाद पचास प्रतिशत से ज्यादा पालिसी इस बार समाप्त हो रही है जो अब अपनी पालिसी को आगे बढ़ाना नहीं चाहते हैं। Thousands of middle class families were deprived of mediclaim this year  दो लोगों की पालिसी पर ४६ हजार रुपये से ज्यादा का भुगतान का आकलन यह है कि चार साल में अब वैसे भी दो लाख रुपये से ज्यादा चले जाते हैं और इसका कोई लाभ नहीं मिलेगा दूसरी ओर यदि आपने मेडिक्लेम पालिसी का उपयोग कर लिया है तो अगली बार किसी भी प्रकार की छूट नहीं मिलेगी साथ ही प्र्रीमियम और बढ़ जायेगी। अभी चार सरकारी इंश्योरेंस मेडिक्लेम पालिसी का कामकाज कर रही है इसमे न्यू इंडिया, ओरिएंटल, नेशनल और यूनाइटेड शामिल है जबकि प्रायवेट में रियालंस, बजाज केयर, स्टार, नोवा और एचडीएफसी काम कर रही है।

इस मामले में प्रायवेट एजेंसिया अपने बीमा एजेंटों के साथ ही दोहरा बर्ताव कर रही है। इसमे सबसे ज्यादा शिकायत केयर और स्टार हेल्थ को लेकर है। इनके एजेंट यदि नये मेडिक्लेम पालिसी के ग्राहक नहीं ला पा रहे हैं तो उन्हें पुरानी पालिसी का कमिशन भी नहीं दिया जा रहा है। सबसे ज्यादा डिफाल्टर कंपनी केयर है। इधर सरकार स्वास्थ्य को लेकर बड़ी बड़ी घोषणाएँ कर रही है और पांच लाख तक का इलाज मुफ्त देने की बात कर रही है तो दूसरी ओर ईमानदारी से इनकम टैक्स भरने सहित सभी टैक्स भरने वाले हजारों मध्यमवर्गीय परिवार जिन्हें पांच किलो आटा भी मुफ्त नहीं मिलता उन्हें अब महंगा बीमा कराने के बजाए एमवाय में ही इलाज कराने की सुविधा लेनी होगी।

 

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