चावल, दलहन सहित कई फसलें इस बार कम, अब बढ़ेगी खाद्य महंगाई

30 रुपए तक और महंगी हो जाएगी अब आपके खाने की थाली

Many crops including rice, pulses are less this time, now food inflation will increase
Many crops including rice, pulses are less this time, now food inflation will increase

नई दिल्ली (आर्थिक डेस्क)। एक ओर जहां पूरी सरकार और तंत्र चुनाव में जुट गया है वहीं दूसरी ओर देशभर में अब आने वाले दिनों में खाने की थाली और महंगी होने जा रही है। सरकार द्वारा पिछले एक माह से हिले हवाले करने के बाद अंतत: खरीफ के फसल के आंकडे जारी कर दिए है। यह भी आधे अधूरे ही है। परन्तु आंकडों ने यह बता दिया है कि अलनीनो का असर अब देशभर में दिखाई देगा। जहां ठंड कम पड़ने के कारण मावठे और ओस से पकने वाली फसलों पर इसका बुरा असर पड़ रहा है तो वहीं सरकार के साथ इन आंकडों ने बाजार और निवेशकों को भी हिलाकर रख दिया है। मानसून के बाद होने वाली मावठे की बारिश में भी 32 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। अभी से जलाशयों में पानी 30 प्रतिशत कम हो चुका है।

देशभर में इस बार अलनीनो के असर के कारण मानसून की बारिश में सारे समीकरण बिगाड़ दिए है। अलनीनो का असर अब आने वाले समय में ओर दिखेगा इस बार ठंड भी बेहद कम समय ही देखी जा सकेगी और इसके कारण 35 लाख हेक्टेयर में बोई गई दहलन और तिहलन की फसलें ज्यादा तापमान के कारण ठीक उसी प्रकार से मार खा रही है जिस प्रकार से गेहूं की फसलों पर असर देखा गया। देशभर में मोटे अनाज से लेकर खरीफ चावल, दलहन और तिलहन की फसलों में अच्छी खासी गिरावट दर्ज की गई है। गन्ने की फसलें भी 10 प्रतिशत तक नीचे आ गई है। चुनाव के बीच सरकार को भी यह महसूस हो रहा है कि अब खाद्य महंगाई रोकना संभव नहीं होगा। दूसरी ओर गेहूं, चावल और तेल का आयात भी ओर बढाना होगा। अभी चावल के निर्यात पर रोक लगा रखी है। अभी सामान्य स्थिति में खाने की एक थाली 130 रुपए में पड़ रही है, यदि फसलों पर इसका बुरा असर दिखा तो यह थाली 160 रुपए तक हो जाएगी।

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मोटे अनाज भी ओर उछलेगे

गुजरात, राजस्थान सहित कई राज्यों में अलनीनो के असर के कारण मोटे अनाज की फसलों को नुकसान पहुंचा। इन राज्यों में इन मोटे अनाज की कीमतें बढना शुरू हो गई है। मोटे अनाज का उत्पादन 10 प्रतिशत तक नीचे आ गया है। वहीं सबसे ज्यादा असर गन्ने की फसल पर रहेगा, यह 11 प्रतिशत से नीचे जा चुकी है।

42 लाख टन चावल का उत्पादन कम

देशभर में सरकार द्वारा जारी किए गए आंकड़ों में खरीफ चावल के उत्पादन पर इस बार बुरा असर पड़ा है। यह उत्पादन 10.63 करोड़ टन ही हो रहा है। 42 लाख टन चावल का उत्पादन कम होने का असर अब आने वाले समय में दिखाई देगा।

तिलहन की फसल मार खा रही

इस बार देशभर में तिलहन की फसलें 18 प्रतिशत की कमी बताई जा रही है। यह आंकडे ओर भी बढ सकते है। ऐसे में पहले से ही तेल की कमी पूरी करने के लिए आयात पर निर्भर सरकार को अब पामतेल का आयात महंगी कीमत पर ओर बढाना होगा। दूसरी ओर दलहन की फसल में भी 6 प्रतिशत की गिरावट होने के कारण इसका असर भी आने वाले समय पर दालों की कीमत पर दिखेगा।

मावठे की बारिश 32 प्रतिशत तक कम

देशभर में मानसून बारिश के बाद होने वाली मावठे की बारिश से पकने वाली फसलों पर अभी से असर दिख रहा है। अक्टूबर माह में तापमान में लगातार बढोतरी के कारण फसलों मुरझा रही है। यदि अगले 10 दिनों में मावठे की बारिश नहीं हुई तो इसका असर 17 लाख हेक्टेयर में बोई गई दलहन की ओर 18 लाख हेक्टेयर में बोई गई तिलहन की फसल पर दिखेगा। मावठे की बारिश 32 प्रतिशत तक कम हुई है।

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