शार्टकट के चक्कर में कहींं कट न जाए जिंदगी की डोर

डिवाइडर के कट कर रहे दुर्घटनाओं को आमंत्रित, रोजाना हो रहे हादसे

The thread of life should not be cut due to shortcuts.
The thread of life should not be cut due to shortcuts.

इंदौर। पहले आम आदमी और वाहन चालक जर्जर सड़कों और गड्ढों से परेशान थे, लेकिन अब डिवाइडर पर कट की गंंभीर समस्या से उन्हें जूझने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। शार्ट कट के चक्कर में जहां कुछ वाहन चालक खुद की जिंदगी को दां व पर लगा रहे हैं, वहीं दूसरों के जीवन को भी खतरे में डाल रहे हैं। बावजूद इसके जिम्मेदार हाथ पर हाथ रखे बैठे मूक तमाशा देख रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि देवास बायपास से लगाकर महू तक भारी वाहनों की तेज गति से आवाजाही होती है। इसी प्रकार, सुपर कारीडोर हो या फिर कोइ अन्य प्रमुख मार्ग। प्राय: अधिकांश जगह पर दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए डिवाइडर बनाए गए हैं। बावजूद इसके, कतिपय लोगों नेचक्कर लगाने से बचने के लिए इन डिवाडर में जगह-जगह कट लगा दिए हैं।

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इसके चलते, सामान्यत: अन्य वाहन चालक भी इन डिवाइडर से अचानक बीच सड़क पर पहुंच जाते हैं और अक्सर दुर्घटनाएं होती रहती है। तीन इमली ब्रिज के पास का डिवाइडर हो या भंवरकुआ से राजीव गांधी चौराहा की ओर जाने वाले मार्ग के डिवाइडर या फिर सुपर कारीडोर के डिवाइडर ही क्यों ना हों , प्राय: सभी जगह कट लगे हुए हैं। तेज गति से दौड़ते वाहनों के सामने डिवाइडर के इन कट सेे शार्टकट अपनाने वाले वाहन चालक अचानक बीच सड़क पर सामने आ जाते हैंऔर हादसा हो जाता है।

आखिर कब जागेंगे जिम्मेदार..?

एक ओर तो शहर में यातायात विभाग ट्रेफिक नियमों के लिए विभिन्न चौराहों पर अभियान चलाता है। दूसरी ओर, वाहन चालक जुर्माना भरने के बाद भी यातायात नियमों का पालन नहीं कर रहे। इधर, डिवाइडर में कट की वजह से होने वाले हादसे एक नई समस्या बन गए हैं। बावजूद इसके जिम्मेदारों की नींद ही नहीं खुल रही। आखिर, डिवाइडर के यह कट बंद क्यों नहीं किए जाते? यदि यह संभव नहीं तो वहां किसी यातायात मित्र को तो खड़ा किया ही जा सकता है, जो यातायात नियंत्रित कर संभावित हादसे को टाल सके।

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