सुलेमानी चाय: दाढ़ी टोपी के साथ तिलक गमछे की जुगलबंदी…घर को लगी है आग घर के चराग से…एक अनार छ: बीमार..

खजराने के मैदान में मेडिकल कॉलेज...

दाढ़ी टोपी के साथ तिलक गमछे की जुगलबंदी…

एक वक्त था जब भोपाल में ताजुल मस्जिद के पीछे प्रदेश वक्फ बोर्ड,हज कमेटी, ओर औकाफ ए आइम्मा के दफ्तर में दाढ़ी और टोपी ही नजर आया करती थी, लेकिन अब भजापा की सत्ता के असर से अब इन जगाहों पर दाड़ी टोपी के साथ तिलक गमछे की जुगलबंदी हो चली है, कई दफ्तरों पर तो सूर्य नमस्कार भी होने लगा है, इसी के साथ सदर बनने के इच्छुक लोगों को संगठन की और सिफारिश के लिए दौड़ाया जा रहा है। सुलेमानी चाय के ठियो पर चर्चा है कि संगठन मुस्लिम भाजपाइयों को नहीं पूछ रहा है, तो गैर भाजपाई मुस्लिम मस्जिद दरगाह के खादिमों को क्यों दाद देगा,,,,

घर को लगी है आग घर के चराग से…

जिन्होंने बरसो बरस मेहनत करके समाज में पैठ बनाई समाज में पार्षद बने, सियासी ओहदो तक पहुंचे, रहबर कहलाए, वे नेता अपने नौनिहालों और अपने परिवारों के बच्चों की रहबरी नहीं कर पा रहे है। कभी किसी पार्षद के बच्चों की बदतमीजी सामने आती तो कभी किसी प्रदेश के नेता के सुपुत्र गलत चीजों में पाए जाते है। तो कभी किसी नेता के परिवार के नौजवान हथियारों के साथ पकड़े जाते है, गौर से देखा जाए तो सियासी कुनबा बिगाड़ने में सबसे ज़्यादा हाथ खुद नेताजी का होता है, वो अपनी रसूक, अपना पावर अपने परिवार वालो को दिखा कर उनका गलत कामों के लिए आत्मविश्वास बढ़ाते है और कभी नेता जी खुद सत्ता के नशे में किसी मजलूम की हाय लेकर खुद के परिवार पर आने वाली परेशानियों कि वजह बनते है, मसला ज्यादातर इंदौर के मुस्लिम भाजपाई नेताओं को लेकर पेश आता है। अब भय्या सब अपनी कॉलर चेक कर ले।

एक अनार छ: बीमार..

वक्फ बोर्ड जिला अध्यक्ष पद का लड्डू खाने के लिए शहर के छ: नेताओ ने सर से लेकर न जाने कहां कहां का जोर लगा दिया है , फिर भी सनव्वर है कि किसी को घास ही नहीं डाल रहे। दो तो कुछ बोल भी नहीं सकते , बाकी चारो को भोपाल से मीठी गोली मिल रही है। अब भय्या जो लोग जिस्म के हर हिस्से का जोर लगा रहे है, उनमे एक अल्पसंख्यक मोर्चे के पूर्व नगर अध्यक्ष, जिनके भाई भतीजो पर इंदौर की एक कमेटी को लेकर जांच चल रही है। दूसरे साहब अभी अभी कर्बला में बिर्राटी घुमा कर अपना पसीना पोछ रहे है। तीसरे उंगली करने के लिए बदनाम पदयात्री है जिनकी यात्रा कहा पहुंचेगी पता नही, चौथे मौजूदा जिला अध्यक्ष है जिनका पिछला कार्यकाल बहुत बढ़िया तो नहीं पर दामन पर दाग भी नही है ,पांचवे सनव्वर पटेल के इंदौर में सबसे करीबी है, लेकिन भाई के सामने खुद के अलावा सब की सिफारिश कर सकते है, पांचवे डॉ है पर मामू जान के सामने डाक्टरी नही चला पा रहे है। अब देखना ये है कि अनार किसके हिस्से आता है। बाकी आना तो इसी में से है।

खजराने के मैदान में मेडिकल कॉलेज…

शहर में कारनामा सिर्फ खजराने में ही मुमकिन है। जी खजराने में पिछले दिनों अखबार में खबर छपी खजराने के मेडिकल कालेज में 60, एडमिशन खबर उठाई मिर्जा अरशद बेग ने और सोशल मीडिया पर उस मैदान का फोटू भी शेयर किया जिस पर कॉलेज चल रहा है, जिस पर सोशल मीडिया पर पड़ी प्रशासन लापरवाही को लेकर खिल्ली उड़ाई गई मामला बड़ा है, लेकिन शासन की नींद कब खुलेगी पता नहीं।

चाय से ज्यादा केतली…

अब चाय से ज्यादा केतली गर्म की कहावत भाजपा के साथ-सथ कांग्रेस में भी दिखाई देने लगी। शहर कांग्रेस के पिछले अध्यक्ष विनय बाकलीवाल के साथ जहां इम्तियाज बेलिम ज्यादा गरम रहते थे । वहीं अब सुरजीत के साथ उनकी लंगोटी बंन घूमने वाले दिग्गी के सुनार शहर कांग्रेस में कली ,फुँदे लगाते नजर आ रहे हैं। शहर कांग्रेस में अब ज्यादातर मामले ये ही निपटा रहे है।

You might also like
Leave A Reply

Your email address will not be published.