प्रदेश की सबसे बड़ी मुस्लिम एजुकेशनल सोसायटी इस्लामिया करीमीया में नई कमेटी पर सवाल तो कई उठाए जा रहे हैं लेकिन इसके बावजूद वो बेहतर काम कर रही है। वे उन्हें भी साथ लेकर चलने की कोशिश कर रहे हैं, जो सोसायटी की जड़ों में म_ा डालने में कोई कसर नही छोड़ रहे हैं । फिलहाल कमेटी में बड़ा और तजुर्बेकार नाम काजी साहब थे । लेकिन अपने नाम की म_ा रूपी शिकायतों के चलते काजी साहब ने सोसायटी से कन्नी काट ली है। शिकायते क्या क्या हुईं ये हम सार्वजनिक नही कर सकते इसके लिए सुलेमानी चायवाला माफी चाहता है। वैसे तो काजी साहब समाज के लिए कई कुर्बानिया दे चुके हैं लेकिन इस बार अगर वे इस्तीफा नही देते तो कई तलवारें उनके ऊपर भी लटक सकती थीं।
दिया तो दिया नहीं तो वापस लिया…
पिछले दिनों इन्वेस्टमेंट समिट के दौरान खूब मजे मजे के किस्से सामने आए। जब इतना बड़ा जमावड़ा हो और इतने वाकये हो रहे हों तो अल्पसंख्यक मोर्चे के पदाधिकारी कहां पीछे रहने वाले थे? तो हुआ यूं की गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा के साथ कुछ विदेशी मेहमान भोजन में व्यस्थ थे। इतने में मोर्चे के मुखिया शेख असलम दो चार हजार का गुलदस्ता ले आये। मिश्रा जी के साथ फोटू सेशन के बाद मंत्री जी तो गुलदस्ता वहीं छोड़ गए। महंगे गुलदस्ते पर महिला पदाधिकारी की नजर थी। उन्होंने मोर्चे के मुखिया से गुलदस्ता तो मांग लिया मगर महिला पदाधिकारी गुलदस्ता लेकर जैसे ही बाहर निकलीं साहब के ड्राइवर कम बॉडीगार्ड कम जासूस ने उनसे गुलदस्ता छीन लिया। तहकीक की जा रही है कि क्या उस ड्राइवर ने कम ज्यादा में गुलदस्ता वापस कर दिया और पैसा रख लिया। क्या वो गुलदस्ता असलम शेख ने किसी और को दिया।
अल्पसंख्यक विभाग को मजबूत करने का सबूत दे रहे सुबूर…
कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग में शहर अध्यक्ष सुबूर गोरी अच्छा काम कर रहे हैं । अल्पसंख्यक कांग्रेस शायद पहली बार शहर में अपनी पूरी टीम बना सकती है। ये बात और हे कि शहर की टीम में चार पद अभी खजराने से ही दे दिए गए हैं। बाकी पूरे शहर में दो तीन पद ही दिए गए हैं। जबकि देखा जाए तो निगम चुनाव में शहर के मुस्लिम इलाके ही कांग्रेस की चुनरिया बचा पाते हैं। इसलिये अल्पसंख्यक विभाग को पूरे शहर की टीम मजबूत करने की जरूरत है।
दुमछल्ला… सुल्तान अवार्ड को सुलेमानी सलाम…
बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करना भी अपने आप मे बड़ा काम है। खजराने में सभी स्कूलों ने मिल कर खजराना एजुकेशन सोसायटी बनाई है, जिसमें बहुत से कार्यक्रम हो रहे हैं। खजराना ओलम्पियाड में सभी स्कूल एक साथ खेल रहे हैं,। इसी के साथ पूरे खजराने के सभी स्कूल मिलकर पढ़ाई में अव्वल बच्चो का इंतिखाब कर उसे सुल्तान अवार्ड दे रहे हैं। ऐसी कोशिश अपने आप में बड़ा काम है, ओर हर अच्छा काम सुलेमानी सलाम का हकदार होता है। इसबार का सलाम सुल्तान अवार्ड कराने वाले ओर खजराने सभी स्कूलों के संचालको के नाम। हाजी अंसार पटेल और इफ्तेखार अहमद गुड्डू को एक और सलाम।