इंदौर। मगर संक्राती पर इस बार पतंगों का बाजार पिछले साल से तीन गुना ज्यादा होने का अनुमान व्यापारियों ने लगया हैं। कोरोना महामारी के दो साल निकलने के बाद पिछले साल जहां इंदौर में 5 करोड़ का व्यापार हुआ था,वहीं इस बार प्रवासी भारतीय सम्मेलन एवं इंवेस्टर्स समिट के कारण बहुत से विदेशी लोगों ने भी इंदौर की पतंगें खरीद कर विदेशों में ले जाकर उड़ाने के लिए खरीदी हैं। यही कारण हैं कि इस बार शहर में पतंगोउत्सव का उल्ला अपने पूरे शवाब पर पहुंच गया हैं। शहर में छावनी व काछीमोहल्ला जैसे प्रमुख पतंग बाजार के साथ ही अन्य जगहों पर भी दुकानें सजधज कर तैयार हैं। जबकि इस साल चाइनीज मांझे की जगह देशी मांझे की मांग जोरों पर हैं। मगर चोरी छीपे चाइनीज मांझा भी खरीदा जा रहा हैं।
दैनिक दोपहर की टीम ने इस बार शहर के प्रमुख पतंग बाजार का जायजा लिया। जिसमें प्रमुख रुप से छावनी व काछीमोहल्ला में लगने वाली पतंगों के थोक विक्रेताओं का कहना हैं कि इस बार शहर में करीब 20 करोड़ के पतंग कारोबार होने की संभावना है। क्योंकि इस साल पूरी तरह से संक्राती पर कोरोना महामारी का साया खत्म हो गया हैं। लोग खुल कर इस त्यौहार की तैयारी कर रहे हैं। शहर में 20 रूपए से लेकर 1000 रुपए तक की 10 लाख से ज्यादा पतंगे इंदौर के आसमान पर उडऩे के लिए तैयार हैं। पिछली बार भी शहर का पतंग का बाजार कोरोना महामारी के कारण मंदी की भेंट चढ़ गया था। जबकि इस बार पतंग उत्सव का उल्लास पुरे शहर पर छाया हुआ हैं। पतंगो की दुकान पर लोगो की भीड़ देखी जा रही हैं। इस बार बाजार में कई नई प्रकार की पतंगे देखने को मिल रही हैं। तो वहीं शहर के लोग चाइनीज मांझे से दूरी बना रहे है और उसकी जगह परंपरागत धागे के मांझे के ही उपयोग पर जोर दे रहे है।
छावनी में पतंग के सबसे बड़े व्यापारी जाकिर मोहम्मद पतंग वाले ने दैनिक दोपहर की टीम को बताया कि प्रवासी सम्मेलन में आए बहुत से विदेशी मेहमानों के लिए भी यहां से पतंगें खरीदीकर उन्हें दी गई, तो बहुत से लोगों ने यहां से पतंगों की पार्सल विदेशों में पहुंचाई हैं। इस बार इंदौर की पतंगे ना सिर्फ देश के कई अन्य प्रदेशो में परवाज भरेंगी बल्कि विदेशों के आसमान पर भी छां जाने के लिए यहां से निकल गई हैं। शहर के कई लोगो ने अपने परिचितों को इंदौर की पतंग और डोर खरीद कर भेजी हैं। वहीं इस बार ताव की पतंगो के अलावा पेराशुट की पतंग जिसमें बच्चों के लिये कार्टून वाली पतंग व मोदी पतंग की काफी डिमांड है तो वहीं इस बार दक्षिण भारतीय फिल्मी हिरो हिरोइन की पतंगे भी काफी पसंद की जा रही हैं। मतलब नेता से लेकर अभीनेता तक के मुखौटों की पतंगें बाजार में खूब पंसद कर खरीदी जा रही हैं। जिससे लगता हैं कि इस बार पतंग व मांझे का व्यापार लगभग 20 करोड़ का होने की संभावना व्यापारी भाइयों को हैं। इसबार संक्रांति पर शहर के आसमान पर 2 रुपए से लेकर 1 हजार रुपये कीमत तक की पतंगे आसमान पर छां जाने के लिए दुकानों पर खुब खरीदी जा रही हैं।
दुकानों पर बच्चों को लूभाने वाली अलग-अलग कार्टून कैरेक्टर वाली पतंगे भी हर साल की तरह इस साल भी खुब खरीदी जा रही हैं। बात करें काछीमोहल्ले की तो यहां पर पतंग के थोक विक्रेता मुन्नाभाई का कहना हैं कि पिछले साल लॉक डाउन की संभावना के चलते माल कम मंगाया था, जिससे बिक्री भी बहुत अच्छी नहीं हुई थी। जबकि इस बार बाजार में बच्चों के लिए इस बार कार्टून कैरेक्टर वाली कई पतंगे खूब बीक रही हैं। जैसे डोरिमोन, ड्रैगन मोटू-पतलू, इस बार तो पूरा बाजार रंग बिरंगे पतंगों से सज गया है। इस साल तो कोरोना का दूर-दूर तक कोई नामोनिशान नहीं हैं।