भाजपा प्रदेश संगठन में बड़े फेरबदल अगले पखवाड़े

नरेंद्रसिंह तोमर वापस भेजे जाएंगे, वीडी शर्मा पर भी होगा फैसला

इंदौर।
मध्यप्रदेश भारतीय जनता पार्टी के संगठन को लेकर १७ और १८ जनवरी को दिल्ली में होने वाली बैठक में बड़ा फैसला होने जा रहा है। इस बार विधानसभा चुनाव पूरी तरह से दिल्ली बैठे नेताओं की देखरेख में ही होंगे। मध्यप्रदेश में गुजरात पैटर्न पर चुनाव को लेकर तैयारियां की गई है और इसी के चलते मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में संगठन में बड़े फेरबदल हो जाएंगे। दूसरी ओर २०२३ का विधानसभा चुनाव शिवराजसिंह चौहान के ही नेतृत्व में लड़ा जाएगा। हालांकि सिंधिया समर्थक अभी भी यह आस लगाये बैठे हुए है कि अगला चुनाव ज्योतिरादित्य सिंधिया के नेतृत्व में ही होगा। दूसरी ओर भाजपा के वरिष्ठ सूत्रों का दावा है कि इस बार विधानसभा चुनाव के पहले एक बार फिर केंद्रीय मंत्री नरेंद्रसिंह तोमर ताकतवर भूमिका में मध्यप्रदेश में भेजे जाएंगे। भोपाल में इसकी तैयारियां भी शुरु हो गई है।

मध्यप्रदेश में इस बार जोड़जुगाड़ की सरकार के बाद कई क्षेत्रों में भाजपा के कार्यकर्ता ही भाजपा की कार्यप्रणाली को लेकर संतुष्ट नहीं है। भीतर तीसरी और चौथी लाइन के नेताओं में भी कई नाराजगी है। वहीं यह माना जा रहा है कि इस बार का चुनाव मध्यप्रदेश में किसी भी करवट बैठ सकता है। तमाम कोशिश के बाद भी हिमाचल में सारे दिग्गजों के उतरने के बाद भी सरकार भाजपा नहीं बना पाई। इसलिए मध्यप्रदेश में अभी से चुनावी तैयारियां शुरु हो गई है।

लंबे समय से सत्ता और संगठन के बीच तालमेल को लेकर भी शिकायतें रही है और इसी के कारण निगम मंडलों सहित कई नियुक्तियां अब चुनाव तक रोक दी गई है। दूसरी ओर पिछले दिनों कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजयसिंह की आठ साल पुरानी शिकायत पर व्यापमं घोटाले में नई एफआईआर दर्ज किये जाने के बाद पूरी भाजपा बुरी तरह हिल गई है। इस एफआईआर में प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा सीधे निशाने पर आ गये हैं। ऐसे में दूसरी ओर सीडी कांड में भी वीडी शर्मा द्वारा अपना पक्ष सही तरीके से नहीं रखने को लेकर भी शिकायते रही।

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प्रतिपक्ष नेता गोविंद सिंह द्वारा लगाये गये आरोप के बाद भी उन्होंने कोई संवैधानिक कार्रवाई शुरु नहीं की। ऐसे में माना जा रहा है कि संगठन स्तर पर बड़े फेरबदल होने जा रहे हैं। दूसरी ओर दिल्ली की इस बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ पूरी कार्यकारिणी का फैसला भी हो जायेगा और इसी में महासचिव के कार्यभार का भी बंटवारा होना है। संगठन स्तर पर और कार्यकर्ताओं की नजर इस बंटवारे पर लगी हुई है। वहीं सूत्रों का दावा है कि मध्यप्रदेश में एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के विश्वसनीय केंद्रीय मंत्री नरेंद्रसिंह तोमर इस बार पूरी ताकत के साथ मध्यप्रदेश भेजे जा रहे हैं। चुनाव और उम्मीदवार को लेकर सारे निर्णय दिल्ली में ही होने है। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि प्रदेश अध्यक्ष लंबे समय से सत्ता की राजनीति के लिए प्रयत्नशील रहे परंतु वे तमाम कोशिश के बाद भी अपनी जगह नहीं बना पा रहे है।

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