सुलेमानी चाय: पापा की नौकरी बेटे की मौज….न्यू खिजराबाद में नई जंग…खजराने की भलाई के एक जाजम पर….दुमछल्ला…

पापा की नौकरी बेटे की मौज
कुछ वक्त पहले निगम के एक अधिकारी के बेटे को आज़ाद नगर के एक व्यापारी ने पचास हजार का तोहफा दिया। सालगिरह पर इतना महंगा तोहफा तो उसके ननिहाल से भी नहीं आया। किसी मामा ने 500 रुपट्टी की गिफ्ट नहीं दी। फिर व्यापारी के दिल में ऐसा क्या आया? इसका जवाब यही है कि जिसके बेटे को गिफ्ट मिला, वो नगर निगम के उस महकमे में है, जिसके काम से व्यापारी फल फूल रहा है। अब निगम के कर्मचारी की मेहरबानी से व्यापारी तो चक में है ही, तो वो भी सबको खुश करने की जद्दो जेहद में लगा रहता है। निगम अधिकारी व्यापारी की हर तरीके से मदद करते है, निगम की चाकरी से अधिकारी का जो भला हो रहा है सो हो रहा है ,लेकिन अब रिश्वत बेटे को भी मिलने लगी है। सुलेमनी सूत्रों की माने तो रिश्वत देने वाले भी अधिकारी की मेहरबानी से अच्छा माल छाप रहे हैं, जिसका हर विभाग को हिस्सा मिल रहा है।
न्यू खिजराबाद में नई जंग
खजराना के न्यू खिजराबाद में कुछ शातिर ज़मीनचोरों ने नकली कागज बनवाए। फिर उस कागज के आधार पर नगर निगम में टैक्स भी भर दिया। इसके बाद वे पहुंचे कब्जा करने तो असली मालिक आ खड़े हुए। असली मालिकों और ज़मीनचोरों का विवाद थाने जा पहुंचा। बताया जा रहा है कि ज़मीनचोरों का गिरोह असल में एक पूरी कंपनी खजराने में ऐसे ही काम मे लगी हुई है। न्यू खिजराबाद में काम करने वाले इसी की एक ब्रांच है। कंपनी का ये साइड बिजनेस बन गया है। इसमें एक हलका फुलका पत्रकार भी शामिल हो गया है, जिसे इस बार पिटाई का सामना करना पड़ा है। ये पांच लाख रुपये की मांग कर रहा था, जिसके एवज में इसका गला पकड़ लिया गया। कुछ लोगों के पास मौका ए वारदात के फोटो भी हैं जिसमें हलके पत्रकार का गला एक मजबूत हाथ में है। न्यू खिजराबाद में फर्जीवाड़े का जो खेल हुआ है, उसमें नगर निगम का अधिकारी ओपी राठौर गले तक फंस गया है। इसकी गहरी जांच होगी और नजीर कायम की जाएगी कि नगर निगम अधिकारी को क्या काम नहीं करना चाहिए।
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