सुलेमानी चाय- हींग लगे न फिटकरी ‘उर्स चोखा….900 चूहे खाकर बिल्ली हज को चली…मुंगेरीलाल को आ रहे, हसीन सपने,

सुलेमानी चाय
सुलेमानी चाय

हींग लगे न फिटकरी ‘उर्स Ó चोखा
खजराना नाहर शाह वाली उर्स को लेकर लोगों में गुस्सा है , तहसीलदार की मनमानी के चलते काफी न नुकुर के बाद आखिरकार सिराज साहब बाले बाले उर्स की रजामंदी ले आये, लोगों की नाराजगी है कि उर्स की परंपरा साहब की हठधर्मी की वजह से टूट गई , इससे करोड़ों का नुकसान वक्फ बोर्ड के साथ साथ खजराने में गरीब दुकानदार मेले ठेले वालों को भी हुआ , उनकी भी आस टूट गई , उर्स पर पूरा खजराना चमन हो जाता है, जिससे पूरे खजराने को फायदा होता है, लेकिन अब साहब को कोन समझाए उनकी सैलरी तो टाइम टू टाइम अकाउंट में आ ही रही है, ऐसे में उर्स में होने वाले घोटालों को कौन अपने जिम्मे ले, फिर ऊपर से साहब का पदोन्नति का भी सवाल है।

900 चूहे खाकर बिल्ली हज को चली…
पिछले दिनों राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग ने अल्पसंख्यक संस्थानों की परेशानियों को लेकर प्राचार्यों ंकी मीटिंग रखी, जिसमें मदरसा बोर्ड के लोगों के साथ कार्यवाहक भी पहुंचे,वहां मदरसों की ग्रांट बन्द होने का रोना रोया गया , जो उन्हीं के भष्ट्राचार के करण हुआ, इसके बाद आई, के की लीज का मुद्दा उठाया जिसके लिए किसी ने पिले चावल नहीं दिए.. साहब को कौम का इतना ही दर्द था तो जब मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष थे तब लीज क्यों नही बढ़वाई… इसी के साथ साहब हमेशा कहते नहीं थकते की आई.के. की एक-एक ईंट हमें पहचानती है , तो साहब जिम्मेदार रहते कमियों को दूर क्यों नहीं किया, अब अपने प_ों से सबसे ज्यादा शिकायतें भी आप ही लगवा रहे है, साहब ले दे कर एक आई.के. ही बचा है , उसका भी बेड़ा गर्ग करने में लगना ठीक नहीं… बाकी साहब खुद ही बहुत समझदार है…इसीलिए कहते हंै नौ सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली…

मुंगेरीलाल को आ रहे, हसीन सपने,
मुस्लिम समाज मे कमाल खान , खुरासान पठान के समय गिनती चुनती के मुस्लिम भाजपा नेताओं में शुमार इन्दौरी अमित शाह (सिर्फ चेहरे के एतबार ) से कहे जाने वाले नेताजी को अब तक कोई मलाईदार पद नहीं मिल सका है, साहब के भी समझ आ गया है कि, मंडल ,कमण्डल तो दूर अब भाजापा मुस्लिम वार्डों में भी मुस्लिम को टिकट नहीं दे रही, सौ साहब दरगाह कमेटी की खुरचन ही समेटने में लग गए हंै, वैसे तो साहब दरगाहों से दूरी रखने वाले कुनबे से आते हंै, लेकिन अब उम्र हो चली है, खुरचन समेटने के लिए लोग क्या क्या बदल देते हैं ..सो साहब अब दरगाह और चादर से जुड़ गए हैं और सोशल मीडिया पर चादर के साथ फोटू शेयर कर रहे हैं, इनका नाम चन्दन नगर के जमीनी जादूगरों के साथ भी जुड़ा था और वहां भी साहब ने अच्छा माल छापा था ,लेकिन साहब आसानी से बाहर हो गए, बाकी इन्दौरी अमित शाह के बारे में आप पता लगा ले वो क्या है न हम से ज्यादा बुराई नहीं होती। – मेहबूब कुरैशी मो.नं. 9977862299

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