इंदौर(जीतू पटेल)। विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा और कांग्रेस ने अपने-अपने स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी है। कांग्रेस इस बार अपनी सरकार बनाने में जुटी हुई है। इसी उद्देश्य से कांग्रेस को एक जाजम पर लाने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह जुट गए हैं। वे 200 दिन में प्रदेश की 230 विधानसभाओं का भ्रमण करेंगे। इस दौरान वे कांग्रेसियों से रुबरू होंगे। चुनाव जिसको लेकर भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल अपनी-अपनी ताकत चुनाव में झोंकने में लगी हुई है जिस तरह से पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने 2018 के चुनाव के पूर्व नर्मदा परिक्रमा की थी और नर्मदा परिक्रमा के दौरान प्रदेश की 150 विधानसभा को भी कवर की थी और कांग्रेसियों से राजा रूबरू हुए थे। अब एक बार फिर दिग्विजय सिंह का वही पुराना अंदाज देखने को मिल रहा है क्योंकि 2018 के चुनाव के लिए नर्मदा परिक्रमा की थी जिसके सकारात्मक परिणाम आये थे और सीधा-सीधा कांग्रेस पार्टी को फायदा हुआ था जिसके चलते प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनती थी परन्तु खरीद फरोख्त दलबदल के चलते सरकार 15 महीने में गिर गई और प्रदेश में इसी के चलते भाजपा दोबारा सक्ता में आई। भोपाल में दिग्विजय सिंह ने कांग्रेसियों की बैठक ली। इस बैठक को देखते हुए लग रहा है कि अब दिग्विजय सिंह द्वारा रूठे हुए कांग्रेसियों को मनाने के लिए और एक जाजम पर बैठाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। देखा जाए तो इस बैठक से यह भी माना जा सकता है कि सभी कांग्रेसियों को और कार्यकर्ताओं को एक करने की कवायद अब राजा द्वारा शुरू हो चुकी है और दिग्विजय सिंह भाजपा से मुकाबला करने के लिए तैयार हैं। ़इसको हम पर्दे के पीछे की राजनीति भी कहा सकते हैं या फिर चुनाव से पहले कांग्रेस परिवार को एक करने की तैयारी। अब राजा ने कांग्रेस को मजबूत और मतभेद दूर करने की कवायद तेज कर ली है। राजा का प्रयास है कि आपस मे लड़ना झगड़ना बंद करो यही संदेश लेकर पूरे प्रदेश में बैठक जमाएंगे। 2023 अब प्रदेश में कांग्रेस को संभालने के लिए मैदान में राजघराने के राजा, संगत में पंगत का आनन्द लेने और आनन्द सभी के साथ मिलजुलकर प्यार बांटने का प्रयास राजा का, पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह की विधानसभाओं में होने वाली यात्रा पर भाजपा की नजर अब ‘राजाÓ फिर से प्रदेश में यात्रा कर रहे है पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह। पूर्व में मां नर्मदा की पदयात्रा की थी जिसका परिणाम 2018 के चुनाव में कांग्रेस को हुआ था। अब कांग्रेस 2023 के लिए भरपूर एक्शन मोड में आ गई है। प्रदेश अध्यक्ष कमल नाथ चाहते है कि राजा परदे के पीछे से ही काम करें? क्या दिग्विजय सिंह की यात्रा से कांग्रेस में मतभेद बढ़ेंगे? क्या ये सब सत्ता में वापसी के लिए ‘कदमतालÓ है? राजा की यात्रा से किसको होगा सबसे ज्यादा फायदा? ऐसे तमाम रोचक सवाल जवाब हर किसी के मन में उठ रहे हैं।