गुरुसिंघ सभा की कार्यप्रणाली को लेकर समाज में भारी नाराजगी

10 साल से कब्जा कर बैठे रिंकू भाटिया और जसबीरसिंह गांधी निशाने पर

गुरुसिंघ सभा
गुरुसिंघ सभा

इंदौर। तीन दिन पूर्व गुरु परब में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को खालसा स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में बुलाए जाने के बाद अब सिख समाज में बड़ा घमासान मच गया है। समाज में बड़ी तादाद में वहां पर कमलनाथ के लिए किए गए गुणगान को लेकर प्रधानमंत्री जसबीर सिंह गांधी के खिलाफ बड़ा मोर्चा खोल लिया है। इसी के साथ सिख समाज में नाथ का सम्मान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवाद का विषय बन गया है।

ब्रिटेन, आस्ट्रेलिया और कनाडा के सिख इस मामले में अपनी नाराजगी व्यक्त कर रहे हैं। दूसरी ओर सिख समाज में गुरु सिंघ सभा के चुनाव पिछले 24 सालों से नहीं कराए जाने का मामला भी गरम हो गया है। वहीं सिख समाज के अध्यक्ष रिंकू भाटिया भी शराब के एक मामले में जेल में बंद हैं।

सिख समाज में इस समय गुरु सिंघ सभा के कार्यक्रम को लेकर बड़ी खींचतान शुरू हो गई। उल्लेखनीय है कि गुरु परब के दिन खालसा स्टेडियम में आयोजित समारोह में प्रधानमंत्री जसबीरसिंह गांधी ने वहां पर पहुंचे कमलनाथ का स्वागत कर उनके लिए कसीदे भी पढ़े। उनके द्वाराकी गई तारीफ के बाद वहां पर आए हुए कीर्तनकारों ने कमलनाथ को लेकर कड़ा ऐतराज दर्ज कराते हुए कहा कि 84 के दंगों में सिख समाज में हुई हत्याओं के लिए वे भी दोषी हैं और उन्होंने कीर्तन के लिए भविष्य में इंदौर आने से भी इनकार कर दिया।

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अब यह मामला सिख समाज में बेहद ज्यादा गरम हो गया है। पिछले 10 साल से गुरु सिंघ सभा पर कब्जा जमाए बैठी पैनल जो अध्यक्ष रिंकू भाटिया और सचिव जसबीरसिंह गांधी की निजी दुकान बन गई है। इसे लेकर भी समाज में कई लोग मैदान में उतर आए हैं।

अभी रिंकू भाटिया को कुक्षी में एक आईएएस अधिकारी के साथ शराब के अवैध ढुलाई के दौरान की गई मारपीट के बाद अभियुक्त बनाया गया है और वे इस समय जेल में बंद हैं।

इस बीच गुरु सिंघ सभा में कार्यवाहक अध्यक्ष के रूप में दानवीर छाबड़ा को नियुक्त किया गया है परंतु समाज में लम्बे समय से इस बात को लेकर भी विरोध है कि पिछले 24 सालों से यहां चुनाव नहीं हो रहे हंै। इस मामले में जब भी गुरु सिंघ सभा पर उंगली उठाई जाती है तो वे ठीकरा खालसा सोसायटी पर फोड़ते हुए यह कहकर मामले को लम्बा खींचते हैं कि यहां परभी चुनाव नहीं हो रहे हैं।

अब इस बार यह दोनों विवाद गुरु सिंघ सभा के चुनाव पर भारी असर डालेंगे और इसके लिए 10 साल से कब्जा जमाए बैठी पैनल को इस बार वापसी के लिए बड़ी मेहनत करनी होगी। दूसरी और इस खींचतान के कारण कांग्रेस ने भी अब खालसा स्टेडियम में अपने भारत जोड़ों यात्रा के रात्रिकालीन विश्राम को लेकर विकल्प देखना शुरु कर दिया है। कांग्रेस नहीं चाहती की राहुल गांधी की यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार का गलत वातावरण नहीं बने।

(गुरुसिंघ सभा)

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