सितंबर से बड़े बकायादारों की संपत्तियां होंगी कुर्क

निगम ने कई वर्षों से टैक्स नहीं भरने वालों की सूची बनाना शुरू किया

इंदौर। शहर में अब ऐसे बड़े बकायादारों की खैर नहीं जो वर्षों से नगर निगम को संपत्ति कर का पैसा नहीं दे रहे है। व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के अलावा आवासीय व अन्य निर्माणों, खाली जमीनों पर निगम गाइड लाइन के अनुसार टैक्स लेता है। हर झोन क्षेत्र में अलग-अलग दरें हैं।

1 लाख से बड़े बकायादारों की सूची निगम फिर अपडेट कर रहा है। सितंबर माह से इन बड़े बकायादारों की संपत्तियां कुर्क होंगी। निगम के रिकॉर्ड में लगभग साढ़े 6 लाख करदाता है। पिछले दिनों आयुक्त ने जीआईएस सर्वे को लेकर एक बैठक भी ली जिसमें कई संपत्तियां ऐसी निकली जहां टैक्स आवासीय का भरा जा रहा है जबकि उपयोग व्यवसायिक है।

निगम ने चालू वित्तीय वर्ष में 800 करोड़ रुपए का राजस्व लाने का लक्ष्य रखा है। वित्तीय वर्ष का पांचवां माह चल रहा है और अब तक निगम को कुल 227 करोड़ रुपए ही मिले है। जबकि 31 जुलाई तक एडवांस टैक्स भी जमा करवाया गया। पिछले सप्ताह लोक अदालत भी लगी लेकिन निगम को अधिक राजस्व नहीं मिल रहा है।

अपर आयुक्त भाव्या मित्तल के अनुसार सितंबर से दिसंबर के बीच बड़े बकायादारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। संपत्तियों की जांच कर जब्ती, कुर्की करेंगे। मुख्य रूप से एक हजार स्क्वेयर फीट से बड़े प्लॉट पर जो भी निर्माण है या खाली है उनसे सख्ती से टैक्स वसूलेंगे। इसके अलावा व्यवसायिक संपत्तियों की भी जांच कर नपती शुरू की जाएगी। कई जगह आवासीय संपत्तियों का व्यवसायिक उपयोग हो रहा है और टैक्स आवासीय का ही दिया जा रहा है अर्थात टैक्स की चोरी हो रही है।

विजय नगर, पलासिया क्षेत्र में पहले होगी नपती

शहर में विजय नगर, एबी रोड, सुखलिया, पलासिया, साकेत नगर, न्यू पलासिया, भंवरकुआं, सुपर कॉरिडोर, वीआईपी रोड, कालानी नगर, रिंग रोड, बायपास, खंडवा रोड, उज्जैन रोड, देवास रोड आदि क्षेत्र ऐसे है जहां गाइड लाइन अधिक है और रेट झोन भी एक आता है अर्थात यहां की संपत्तियों से निगम हर स्क्वेयर फीट सबसे अधिक राशि टैक्स के रूप में लेता है। इन क्षेत्रों में ही सभी संपत्तियों की जांच सबसे पहले की जाएगी। यहां अस्पताल, होटल, कॉलेज, स्कूल, मैरिज गार्डन आदि बड़ी संख्या में है।

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