नंद के घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की से गूंजे मंदिर

रात को मनेगा भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव, तैयारिया पूर्ण

इंदौर। आज श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व शहर में बड़े ही धूमधाम से मनाया जा रहा है। इस बार जन्माष्टमी का उत्सव 4 दिन तक चलेगा। अलग अलग मंदिरों में यह तारीखें अलग अलग हैं। जिसकी आज से शुरुआत हो चुकी है। 21 अगस्त तक पर्व मनेगा। गोपाल मंदिर, बांके बिहारी मंदिर में आज उत्सव मनेगा। इसी तरह यशोदा माता मंदिर, गोवर्धननाथ मंदिर, इस्कॉन सहित शहरभर में पर्व मनाया जाएगा।

वहीं, वेंकटेश मंदिर में रोहिणी नक्षत्र में 20 को, जबकि 135 साल पुराने रामानुज कोट मंदिर में 21 अगस्त को मनेगा। यह पर्व चार दिन इसलिए मनाया जाएगा, क्योंकि जन्माष्टमी मनाए जाने के संंबंध में स्मार्त और वैष्णव दो मत प्रचलित हैं। वहीं, वेंकटेश मंदिरों में रोहिणी नक्षत्र की प्रधानता में, जबकि रामानुज कोट मंदिर में सूर्य की संक्रांति और रोहिणी नक्षत्र में यह पर्व मनाया जाता है।

रामानुज कोट मंदिर : 135 साल पुराने मंदिर में पंचमुखी झूले पर भगवान को विराजित किया जाएगा। एकांत अभिषेक होगा।

गोपाल मंदिर : चांदी के सिंहासन पर विराजेंगे भगवान। फूलों से विशेष शृंगार किया जाएगा।
यशोदा माता मंदिर : फूलों से शृंगार होगा।

वेंकटेश मंदिर : स्तोत्र पाठ होंगे। देर रात उत्सव मनेगा।

 

जन्माष्टमी वैष्णव मत से कल को तो स्मार्त मत से आज मनेगी

शुक्रवार को पर्वकाल में न अष्टमी तिथि न रोहिणी नक्षत्र फिर भी मनेगी जन्माष्टमी धर्मशास्त्रीय विषयों के प्रामाणिक आचार्य पण्डित रामचंद्र शर्मा वैदिक, प्रदेशाअध्यक्ष मध्यप्रदेश ज्योतिष एवं विद्वत परिषद,ने बताया कि योगेश्वर भगवान श्रीकृष्ण का प्राकट्य भाद्र पद मास, कृष्णपक्ष, अष्टमी तिथि,रोहिणी नक्षत्र व वृषभ राशि के चन्द्रमा में अर्धरात्रि को हुआ था। इस वर्ष उपर्युक्त योग अर्द्ध रात्रि में प्राप्त नही हो रहे है। आचार्य शर्मा वैदिक ने बताया कि सामान्यत: जन्माष्टमी पर्व मनाने में दो मत प्रमुख है।

पण्डित शर्मा ने बताया कि शहर के यशोदा माता मंदिर व इस्कॉन मंदिर में वैष्णव मत के अनुसार 19 अगस्त शुक्रवार को परम्परागत विधि विधान से अर्धरात्रि में जन्माष्टमी का पर्व मनाया जायेगा। मध्यप्रदेश शासन ने भी जन्माष्टमी पर्व का अवकाश 19 अगस्त शुक्रवार को ही घोषित किया है। मथुरा वृंदावन एवं द्वारिका में भी जन्माष्टमी पर्व शुक्रवार को ही मनाया जावेगा। शहर के गोपाल मंदिर एवं बांके बिहारी मंदिर में पर्व स्मार्त मत के अनुसार 18 अगस्त गुरुवार को मनेगा। सामान्यत: वैष्णव मत की ही जन्माष्टमी पर्व को मनाने में प्रमुखता है।

 

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