बड़े नेताओं की लड़ाई में अब उलझ गई एमआईसी

संगठन अनुसार विधायकों को दी जाए तवज्जो

इंदौर। निगम में भाजपा परिषद बने एक माह से अधिक समय हो गया है, लेकिन नगर सरकार के मंत्रिमंडल याने एमआईसी का गठन नहीं हो पाया है। बड़े नेताअंो की लड़ाई में अभी तक सहमति नहीं बन पाई है। संगठन की मंशा है कि आने वाले साल चुनाव को देखते हुए विधायक के नाम पर सहमति बने लेकिन अन्य नेता इसको लेकर अलग दबाव बनाए हुए हैं।


महापौर बने पुष्यमित्र भार्गव को एक माह बीत चुका है लेकिन अभी तक एमआईसी का गठन नहीं हो पाया है। विधायकों के साथ-साथ अन्य नेता अपने-अपने नामों पर अड़े हैं जिसके कारण सहमति नहीं बन पा रही है। यहां तक है कि एमआईसी में आने के दावेदार दिल्ली तक घुम आए हैं और ये मामला अब भोपाल से ही तय होगा। सांसद शंकर लालवानी, राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, पर्यटन मंत्री उषा ठाकुर, पूर्व विधायक सुदर्शन गुप्ता, जीतू जिराती, मधु वर्मा अपने नामों को लेकर मोर्चा खोले हुए हैं। वहीं संगठन का ये मानना है कि जो विधायक हैं उनके नामों को तरजीह दी जाए, क्योंकि अगले साल विधानसभा चुनाव हैं। ऐसे में सामंजस्य बिठाना मुश्किल हो रहा है।

विधायक रमेश मैंदोला, मालिनी गौड़, आकाश विजयवर्गीय, महेंद्र हार्डिया अपने नाम भोपाल पहुंचा चुके हंै और कल भोपाल में सभी बड़े नेताओं से मिल भी चुके हैं। अब संगठन के पाले में गेंद है। कल दिनभर भाजपा नेताओं के साथ-साथ कार्यकर्ता व समर्थकों में यही बेचैनी बनी रही कि सूची कब आएगी। सांसद शंकर लालवानी 4 नम्बर विधानसभा से अपना एमआईसी चाह रहे हैं, जबकि वे टिकट वितरण में मुंह की खा चुके हैं और संगठन विधायक मालिनी गौड़ के साथ खड़ा नजर आ रहा है। वहीं एक नम्बर में मंत्री उषा ठाकुर पराग कौशल को लेकर अड़ी है लेकिन सुदर्शन गुप्ता उनको पसंद नहीं कर रहे हैं। यही हाल राऊ विधानसभा का है।

यहां प्रदेश अध्यक्ष वीडी शमा,र् बबलू शर्मा पर सहमति दे चुके हैं लेकिन जीतू जिराती व मधु वर्मा इस फैसले को मान नहीं रहे हैं जो इनके लिए नुकसानदायक हो सकता है। वे अपने-अपने नाम अलग-अलग दे रहे हैं। विधानसभा े5 नम्बर में भी विधायक महेंद्र हार्डिया अपने नाम दे रहे हैं तो संगठन की पसंद अलग है। विधानसभा 3 नम्बर में विधायक आकाश विजयवर्गीय मनीष मामा को लाना चाह रहे हंै लेकिन संगठन इस नाम पर पुर्नर्विचार का कह रहा है। यहां भी नेता आमने सामने हैं। विधानसभा 2 नम्बर में तो कोई विवाद नहीं है लेकिन संगठन पूरे शहर में ऐसे नाम लाना चाह रहा है जो निर्विवाद हो। अब संगठन के ये फैसला की अगले साल चुनाव है तो विधायक की पसंद के स- साथ ऐसे नाम हो जो निर्विदाद हो। हालांकि फैसला आज या कल हो सकता है।

ल देर रात जारी करने की हुई थी तैयारी

इंदौर से भोपाल एमआईसी के गठन को लेकर गए नेताओं के भोपाल से लौटने के समय संगठन द्वारा यह कहा गया था कि सूची आज रात जारी कर दी जाएगी। परंतु फिर भी सूची जारी नहीं हुई। अभी इसमें और भी कई पेंच आ गए हैं। इसके चलते अब सूची पर निर्णय में देरी हो सकती है। हालांकि भाजपा के नेता ही कह रहे हैं कि अभी तो एमआईसी गठन के बाद इससे बड़ा झगड़ा मलाईदार विभागों पर दावे का होगा। जैसे सबसे ज्यादा ताकत जनकार्य विभाग और इसके बाद स्वास्थ्य विभाग फिर जल यंत्रालय और राजस्व पर महाभारत छिड़ेगी। हर बड़ा नेता अपने पार्षद को इसी विभागों पर स्थापित करने के लिए पूरी ताकत लगाएगा।

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