18 महीने में तैयार होगा भंवरकुआं फ्लाईओवर

टेंडर खुले वर्कऑर्डर बाकी 48 करोड़ में होगा तैयार

इंदौर। प्रदेश का पहला हाईटेक फ्लाईओवर ब्रिज भंवरकुआं चौराहा पर बनने जा रहा है। विदेशी तकनीक से तैयार होने वाला इस ब्रिज 135 फिट की चौड़ाई बिना पिलर तैयार की जाएगी। फ्लाईओवर का काम अगले 2 महीने में शुरू होगा। शहर की ही फेरों कंाक्रीट कंस्लटेंट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी इसे 47. 23 करोड़ रुपए में बनाने जा रही है। करीब 18 महीने में बनने वाले फ्लाईओवर सिक्स लेन का होगा, जिसमें मिट्टी परीक्षण का काम हो गया है। ब्रिज की खास बात यह रहेगी की इसकी दोनों भुजाएं बीआरटीएस के समांतर चलेगी। यानी बीआरटीएस ब्रिज के ऊपर से होकर गुजरेगा।

इंदौर विकास प्राधिकरण द्वारा शहर में तैयार किए जा रहे तीन बड़े फ्लाईओवर ब्रिज के लिए टेंडर खुलने के साथ ही अगले सप्ताह होने वाली बोर्ड बैठक में वर्कऑर्डर जारी करने का निर्णय लिया जाएगा। सबसे पहले भंवरकुआं फ्लाईओवर का काम अगले 2 महीने शुरू हो जाएगा।

हालांकि अभी भंवरकुआ फ्लाईओवर ब्रिज के वर्कऑर्डर जारी होना बाकी है। इस ब्रिज की वैसे अनुमानित कीमत 52 करोड़ रुपए रखी गई थी, लेकिन 47.23 करोड़ में इससे शहर की ही फेरों कंाक्रीट कंस्लटेंट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी बनाने जा रही है। राजीव गांधी सर्कल के नजदीक भोलाराम उस्ताद मार्ग और आर्ट्स एंड कॉमर्स कॉलेज मार्ग पर एक-एक भुजा होगी। इस फ्लाईओवर को इस तरह से बनाया जा रहा है कि नीचे से मेट्रो ट्रेन भी गुजर सकेगी तो यातायात भी बाधित नहीं होगा। नवलखा क्षेत्र की ओर से आने वाले वाहन चालक को यदि सीधे राजीव गांधी सर्कल जाना है तो वह फ्लाईओवर के ऊपर से गुजर सकेगा। उक्त फ्लाईओवर 6 लेन का बन रहा है, जिसका मिट्टी परीक्षण का काम लगभग पूरा हो चुका है और जल्द ही बोर्ड बैठक के बाद वर्क आर्डर जारी हो जाएगा।

स्टील की गर्डर डालेंगे
ब्रिज दो अलग-अलग हिस्सों में तैयार किया जाएगा, जिसमें बीआरटीएस की व्यवस्था यथावत रखी जाएगी। दोनों भुजा तीन लेन वाली होगीं, जिसकी लंबाई 650 मीटर रहेगी। सबसे बड़ी खासियत ये होगी कि ब्रिज के नीचे वाला हिस्सा यानी भंवरकुआं चौराहा पूरी तरह से खुला रहेगा। 45 मीटर यानी 135 फीट दूरी पर पिलर होंगे। इतना खुले हिस्सा वाला ब्रिज अब तक प्रदेश में नहीं बना है। बीच में स्टील की गर्डर डाली जाएगीं, ताकि मजबूती में कोई दिक्कत ना आए।

मेट्रो ट्रेक का रखा ध्यान रखकर होगा तैयार

ये ओवरब्रिज भविष्य की योजनाओं को ध्यान में रखकर बनाया जा रहा है। बीआरटीएस पर देवास टू पीथमपुर मेट्रो कारिडोर बनाया जाएगा। इसको देखते हुए जगह छोड़ी जा रही है, ताकि उसका काम शुरू होने पर दिक्कत नहीं आए। टॉवर चौराहा से खंडवा रोड की ओर आने जाने वाले वाहन चालकों के लिए राह आसान हो जाएगी। सिर्फ 11 सेकंड की बाधा रहेगी, जिसको लेकर सिग्नल भी लगाया जाएगा। सिटी बस के गुजरने के लिए ट्रैफिक को रोका जाएगा।

डेढ़ साल की डेडलाइन के साथ शुरू होगा काम

प्राधिकरण अध्यक्ष जयपाल सिंह चावड़ा ने जल्द से जल्द ब्रिज तैयार करने के लिए डेढ़ साल की समय सीमा तय की है, जिसके लिए ठेकदार कम्पनी को दिन-रात काम करना होगा। प्राधिकरण की निगरानी के साथ तय समय पर काम पूरा होने के लिए ठेकेदार के लिए कड़ी शर्तें भी रखी है। ब्रिज के बीच का हिस्सा 45 मीटर चौड़ा होगा तो बाद के बोगदे भी 30 मीटर चौड़े होंगे। भविष्य में पीपल्याहाना ओवरब्रिज के नीचे वाले हिस्से में जैसे प्ले जोन तैयार किया गया है, वैसे ही यहां भी गतिविधियों के लिए दिया जा सकता है।

बोर्ड की स्वीकृति का इंतजार

विकास प्राधिकरण सीईओ रामप्रकाश अहिरवार ने बताया कि वैसे तो तीन प्रमुख स्थानों पर फ्लाईओवर को लेकर टेंडर जारी हुए हैं, लेकिन पहले भंवर कुआं फ्लाईओवर का काम की शुरुआत होगी। बोर्ड बैठक में अंतिम स्वीकृति के साथ ही वर्क ऑर्डर जारी कर काम की शुरुआत की जा रही है।

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