भार्गव की जीत की रिपोर्ट भोपाल पहुंची, सब चंगा सी….

कांग्रेस को 24 से 26 सीटें तो भाजपा को 59 से 61

इंदौर। भाजपा के महापौर प्रत्याशी पुष्यमित्र भार्गव की जीत की रिपोर्ट भोपाल में प्रदेश स्तरीय नेताओं तक पहुंच गई है। इसके आधार पर यह कहा जा रहा है कि सब चंगा सी… इसके बाद वरिष्ठ नेता आश्वस्त हो गये हैं कि कम मतदान को लेकर भाजपा की जीत पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। समीक्षा के दौरान जहां कांग्रेस को २४ से २६ सीटें मिलने की संभावना जताई जा रही है वहीं भाजपा को ५९ से ६१ सीटें मिलने की उम्मीदें है।


उल्लेखनीय है कि विगत दिवस प्रदेश संगठन मंत्री हितानंद शर्मा ने इंदौर नगर निगम चुनाव को लेकर हुए कम मतदान के बाद विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में भ्रमण कर भाजपा के वरिष्ठ नेताओं, विधायकों, शहर भाजपा पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से चर्चा कर समीक्षा की थी। इसके बाद वे भोपाल पहुंचे और उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान एवं अन्य वरिष्ठ नेताओं को इंदौर नगर निगम के महापौर प्रत्याशी पुष्यमित्र भार्गव की जीत की रिपोर्ट पेश की। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया कि भाजपा प्रत्याशी अच्छे मार्जिन से चुनाव जीत रहे है और इंदौर में कम मतदान को लेकर किसी प्रकार की चिंताजनक स्थिति नहीं है। समीक्षात्मक रिपोर्ट के दौरान यह सामने उभर कर आया कि भाजपा के ५९ से ६१ पार्षद बन सकते है। दूसरी ओर कांग्रेस के पार्षदों की संख्या इस बार १४ से बढ़कर २४ से २६ हो सकती है।

विधानसभा वार यह रही स्थिति

सूत्रों के अनुसार भाजपा द्वारा की गई समीक्षा के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि विधानसभा क्षेत्र के १७ वार्डों में से पिछली बार कांग्रेस के पास पांच वार्ड थे। इनमे से कांग्रेस एक वार्ड पर हार रही है। इसी प्रकार इसी क्षेत्र में भाजपा भी एक अन्य वार्ड हार रही है। विधानसभा क्षेत्र क्रमांक २ की समीक्षा के दौरान पता चला कि वार्ड क्रमांक २९ और ३१ में पचास फीसदी मतदान हुआ है। उसकी वजह मिस मेनेजमेंट नहीं बल्कि मतदाता सूची में हुई भारी गड़बड़ी है। कम मतदान होने के बावजूद यहां से भाजपा जीतेगी। इस विधानसभा में सांवेर के दो वार्डों सहित कुल १९ वार्ड हैं इनमे से तीन वार्ड पहले कांग्रेस के पास थे और अब यह संख्या चार से पांच हो सकती है। इधर विधानसभा क्षेत्र क्रमांक ३ के दस वार्डों में से कांग्रेस के पास चार वार्ड थे और एक वार्ड पर निर्दलीय प्रत्याशी विजयी हुआ था। इस बार भी यहां दोनों दलों के पांच पांच पार्षद रहेंगे। उधर विधानसभा क्षेत्र क्रमांक ४ के १३ वार्ड में से कांग्रेस के दो पार्षद थे। इस बार उनकी संख्या बढ़कर चार हो सकती है। दूसरी ओर विधानसभा क्षेत्र क्रमांक ५ में पिछली बार कांग्रेस का एक पार्षद था लेकिन इस बार यह संख्या चार से पांच तक जा सकती है। भाजपा से बगावत करके चुनाव लड़े निर्दलीय प्रत्याशियों से कांग्रेस के पार्षदों की संख्या यहां बढ़ सकती है और कुछ निर्दलीय भी चुनाव जीत सकते है। इनके अलावा राऊ विधानसभा के आठ वार्डों में से पहले एक वार्ड में कांग्रेस पार्षद था इस बार यहां से कांग्रेस के दो पार्षद चुने जा सकते है। इस प्रकार देखा जाए तो कांग्रेस के २४ से २६ पार्षद प्रत्याशी चुनाव जीतेंगे जबकि शेष ५९ से ६१ वार्डों में भाजपा के पार्षद बनेंगे।

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