क्षेत्र क्रमांक 4 : दो वार्डों में कांग्रेस संघर्षरत तो दो वार्डों में भाजपा भारी

इस बार अयोध्या में 5 वार्डों में कांग्रेस लंबे समय बाद मैदान में लड़ती दिखाई दी

इंदौर। क्षेत्र क्रमांक 4 के अंतिम चार वार्ड में से वार्ड 82 में इस बार शंकर लालवानी अपने समर्थक को उम्मीदवार को तमाम प्रयास के बाद भी नहीं ला पाए। यहां सांसद की खुद कोई पैठ नहीं है। इसके कारणयहां पर कांग्रेस के साथ मजबूत स्थिति दिखाई दे रही है। यह वार्ड पूरी तरह से ब्राह्मण वोटों के आधार पर ही टिका हुआ था।
वार्ड 83 पूरी तरह से भाजपा का वार्ड है और पिछली बार यहां से भाजपा के नेता कमल लड्डा की बहू पार्षद थी और इस बार वे खुद ही मैदान में हैं। वार्ड 84 में इस बार भाजपा को कांग्रेस की कड़ी टक्कर मिल रही है। पिछली बार यहां एक निर्दलीय के कारण कांग्रेस को नुकसान उठाना पड़ा था तो वहीं वार्ड 85 में भाजपा का पलड़ा भारी दिखाई दे रहा है। हालांकि कांग्रेस यहां अपने आपको खड़ा करने के लिए पूरी ताकत लगा रही है।

वार्ड 82 सुदामा नगर
पुरुष 11292 महिला 11074
कुल मतदाता 22366

इस वार्ड में उम्मीदवारों को लेकर अंतिम समय तक खींचतान मची हुई थी परंतु अंतिम समय में यहां पर शंकर लालवानी समर्थक की उम्मीदवारी नहीं हो पाई। उनके स्थान पर शानू शर्मा को मैदान में उतारा गया तो दूसरी ओर कांग्रेस ने इस वार्ड से ब्राह्मण समाज के मितेश प्रकाश रावल को उम्मीदवार बनाया है। मितेश को संजय शुक्ला जो महापौर के उम्मीदवार हैं। उनकी टीम भी इस वार्ड में पूरी मदद कर रही है। संजय शुक्ला एक बार इस वार्ड से पार्षद भी रह चुके हैं। दूसरी ओर भाजपा में चल रही खींचतान के कारणभी इस वार्ड में कांग्रेस को लाभ मिलता दिखाई दे रहा है। यह वार्ड पूरी तरह से ब्राह्मण बाहुल्य होने के कारण यहां पर अंतिम निर्णय ब्राह्मणों के वोटों से ही होता आया है। यहां पिछली बार भाजपा की लक्ष्मी हेमंत ने कांग्रेस की संगीता पाटिल को 5949 वोटों से शिकस्त दी थी।

वार्ड 83 गुमास्ता नगर
पुरुष 11439 महिला 11488
कुल मतदाता 22924

यह वार्ड पूरी तरह से भाजपामय है। यहां बड़ी आबादी वैश्य और जैन समाज की है, जिन पर भाजपा का प्रभाव है और इसीलिए इस वार्ड से लगातार भाजपा जीतती रही है। पिछली बार यहां से कमल लड्डा की बहू अच्छे खासे मतों से विजयी हुई थी। जबकि इस बार स्वयं खुद भाजपा नेता कमल लड्डा मैदान में है। कांग्रेस ने यहां से आशीष लाहोटी को उतारा है परंतु यह वार्ड पहले से भाजपा स्वभाव का माना जाता है। भाजपा की लता लड्डा ने कांग्रेस की रेखा जैन को 7718 वोटों से हराया था। इस वार्ड में कमल लड्डा लगातार सक्रीय रहे है, इस वार्ड में वैश्य और माहेश्वरी समाज का दबदवा माना जाता है। हालांकि क्षेत्र के लोग मानते है कि अभी भी वार्ड में कई समस्याएं हल नहीं हुई है। दूसरी और कांग्रेस ने इस बार यहां नया चेहरा उतारा है जो समाज में प्रतिष्ठीत माना जाता है। देखना होगा इसका कितना लाभ इस बार कांग्रेस को मिलता है।

वार्ड 84 द्वारकापुरी
पुरुष 8828 महिला 8730
कुल मतदाता 17558

पिछली बार इस वार्ड में कांग्रेस उम्मीदवार को कांग्रेस के ही बगावती उम्मीदवार से बड़ा नुकसान उठाना पड़ा था। इस बार कांग्रेस ने यहां पिछली बार मैदान में उतरे दिलीप कुंडल की पत्नी आशा को उम्मीदवार बनाया है। वे हारने के बाद भी इस वार्ड में लगातार लगे रहे। दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी में यहां से सतनाम खनूजा की पत्नी गुरमीत कौर को अपना उम्मीदवार बनाया है। इस वार्ड में सिख आबादी बेहद कम है। यह वार्ड सिंधी बाहुल्य क्षेत्र भी कहलाता है। पिछली बार यहां देवेंद्र रावत ने कांग्रेस के दिलीप कुंडल को 1788 वोटों से हराया था।


वार्ड 85 प्रजापत नगर
पुरुष 11992 महिला 11255
कुल मतदाता 23247

यह वार्ड त्रिकोणीय संघर्ष में उलझ गया है। यहां तीनों की उम्मीदवार इस बार पूरी ताकत से मैदान में लगे हुए हैं। इस वार्ड पर भाजपा की ज्योति तोमर पिछली बार पार्षद रही थी। इस बार यह वार्ड सामान्य होने के कारणेे कांग्रेस ने सचिन चौहान को उम्मीदवार बनाया है तो वहीं भाजपा ने राकेशजैन को यहां उतारा है। इसके अलावा आप पार्टी से भी किशोर चौहान मैदान में हैं। यहां ज्योति तोमर व माया किशोर चौहान में मुकाबला हुआ था, जिसमें भाजपा की तोमर से कांग्रेस उम्मीदवार चौहान को 2 हजार 457 वोटो से शिकस्त दी थी।

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