3 वार्ड मुस्लिम मतदाताओं के प्रभाव में, 1 वार्ड में भाजपा के विद्रोही ने समीकरण में उलझाया, एक में भाजपा को बढ़त

वार्ड परिक्रमा क्षेत्र क्रमांक 3

इंदौर। क्षेत्र क्रमांक 3 में 10 वार्ड आते हैं। इनमें से तीन वार्ड मुस्लिम मतदाताओं के निर्णय से प्रभावित हैं जबकि दो वार्डो में मुस्लिम आबादी का 20 प्रतिशत से ज्यादा वोट है। यहां वार्ड 55 कांग्रेस के स्वभाव का वार्ड रहा हैं। यहां से छोटे यादव लगातार जीतते रहे है। इसके अलावा वार्ड 61 से पार्षद अभय वर्मा ने पिछली बार भी अपनी जीत बरकरार रखी थी, तो वार्ड 62 भाजपा के उम्मीदवार चयन के बाद विद्रोह होने के पर बागी उम्मीदवार के खाते में चला गया। इस बार क्षेत्र क्रमांक 3 के चुनाव में भाजपा के वार्डों में नए उम्मीदवारों के कारण कड़ा संघर्ष हो रहा है। इस क्षेत्र में भाजपा विधायक आकाश विजयवर्गीय के साथ भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने भी कमान संभाल रखी है, दूसरी ओर कांग्रेस के पूर्व विधायक अश्विन जोशी ने भी अपनी पूरी ताकत उम्मीदवारों को लेकर लगा दी है। हालांकि इस बार पारिवारिक विवाद के बाद भी पिन्टू जोशी भी इस विधानसभा में उम्मीदवारों के लिए काम कर रहे हैं।

वार्ड 55 साउथ तुकोगंज
पुरुष 8994, महिला 9097
कुल मतदाता 18091

वार्ड 55 में सामान्य जाति होने के कारण यहां से भाजपा ने पंखुड़ी डोसी को उम्मीदवार बनाया है। पंखुड़ी डोसी भाजपा के कार्यकर्ता सुमित तलरेजा की पत्नी है, तो दूसरी ओर यहां से कांग्रेस ने राधिका निलेश सैन की पत्नी को उतारा है। तो यहां से कांग्रेस के बागी उम्मीदवार मुकेश जैन भी मैदान में हैं। यहां वार्ड जैन समाज ओर वैश्य समाज के अलावा कारोबारी वार्ड भी कहलाता है। जैन समाज के वोटों का विभाजन होने का लाभ शेलू सेन को मिलने की पूरी संभावना रहेंगी। इस वार्ड से लम्बे समय से कांग्रेस के कद्दवार नेता छोटे यादव जीतते रहे हैं। जो इस बार वार्ड 51 से मैदान में है। विधानसभा चुनाव में यहां भाजपा ने बढत बनाई थी, परन्तु भाजपा के कई ताकतवर नेता सुनिल गुप्ता, रामदास गर्ग, पूर्व मंडल अध्यक्ष गंगाराम यादव ओर फेसबुक पर प्रसिद्ध पेज चलाने वाली शालिनी शर्मा ने भी यहां से दावेदारी की थी। परन्तु सब को दरकिनार कर यहां एकदम नए उम्मीदवार को भाजपा ने मैदान में उतारा है। इस बार यह देखना होगा कि कांग्रेस का यह परंपरागत वार्ड किसकी झोली में जाएगा। छोटे यादव यहां 1 हजार से अधिक मतों से जीते थे।

 

वार्ड 56 स्नेहलतागंज
पुरुष 9926 , महिला 9714
कुल मतदाता 19641

वार्ड 56 स्नेहलतागंज से लेकर शिवाजी नगर तक आता है। यहां पर इस बार कांग्रेस ने संजय फौजी को मैदान में उतारा हैं तो भाजपा ने पिछली बार पार्षद रही नंदादेवी गावड़े मैदान में उतारा था, जो दो हजार से अधिक वोटों से विजय हुए थी। इस बार भाजपा ने उनके बेटे गजानंद गावडे को ही मैदान में उतारा है। लम्बे समय से यह वार्ड कांग्रेस के कद्दावर नेता छोटू शुक्ला के प्रभाव का ही रहा है और वे ही यहां से जीतते रहे थे। इस वार्ड का एक हिस्सा अभी भी उनके प्रभाव क्षेत्र में आता है। इस वार्ड का समीकरण यह है कि जिसने भी शिवाजी नगर से बढ़त बना ली वह वार्ड पर जीत हांसिल कर लेता है। इस वार्ड से पिछली बार भी क्षेत्र के विधायक आकाश विजयवर्गीय 600 वोटों से हारे थे। इस बार कांग्रेस उम्मदवार संजय फौजी को इसी क्षेत्र के कांग्रेस नेता रमेश घाटे का भी आर्शिवाद है। ऐसी स्थिति में इस वार्ड से कम मतों से जीत-हार होने की स्थिति रहेंगी।

वार्ड 57 देवी अहिल्याबाई
पुरुष 9850, महिला 8877
कुल मतदाता 17828

वार्ड यह वार्ड किसी समय में महाराष्ट्रीयन आबादी के प्रभाव का माना जाता था परन्तु पिछले परन्तु पिछले पांच सालो से बड़ी आबादी चली जाने के बाद अब यह वार्ड अलग-अलग जातियों के लिए हो गया है। हालाकि अभी भी यहां महाराष्ट्रीयन समाज का दबदबा कायम है। यहां 3 हजार मतदाता महाराष्ट्रीय समाज के हैं इसके बाद 2 हजार के लगभग मतदाता जैन समाज के, पालीवाल समाज के 8 सौ, गौड़ समाज के यहां 12 सौ मतदाता है। लोधी राजपुत समाज के भी यहां 8 सौ वोट है। भाजपा ने इस बार यहां सुरेश टाकलकर को मैदान में उतारा है। तो कांग्रेस ने इस बार दिपीका अनुरोध जैन को उतारा है। इस वार्ड में इस बार भाजपा ने अपने ताकतवर दावेदार दिवाकर धायल को दरकिनार कर दिया है। भाजपा के क्षेत्र के ताकतवर नेताओं का कहना है कि उनका वार्ड में कोई ज्यादा प्रभाव नहीं है। पिछली बार यहां से दिपिका कमलेश नाचन पार्षद थी। उन्होंने इस वार्ड में अच्छे विकास कार्य करवाए थे। इस बार भाजपा ने उन्हें भी यहां से उम्मीदवार नहीं बनाया है। माना जा रहा है कि दिवाकर धायल महाराष्ट्रीयन समाज के 500 वोट भी ले गए तो इस वार्ड का समीकरण बदल जाएगा। हालांकि यह वार्ड भाजपा के प्रभाव वाला माना जाता है। दिपिका अनुरोध जैन कांग्रेस के पूर्व मंत्री रहे ललित जैन की बहु है और इस वार्ड से पहले अनुरोध जैन मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे थे। दिपिका अनुरोध जैन चार्टर अकाउंडेट हैं, ओर महाराष्ट्रीयन परिवार से आती है। उनकी धारा प्रवाह मराठी लोगों को प्रभावित करती है। हांलाकि इस वार्ड से भाजपा के ताकतवर नेता राजू शर्मा ओर दिपेन्द्र सिंह सोलंकी, शांतनू किबे ने भी दावेदारी की थी। भाजपा ने उन्हें उम्मीदवारी के योग्य नहीं माना। हालांकि इस वार्ड से पिछली बार कांग्रेस से उम्मीदवार रहे अनिल बारिया 32 सौ वोटों से हारे थे। जबकि विधानसभा में अश्विन जोशी 26 सौ वोटों से हारे थे।

 

वार्ड 58 इमलीबाजार
पुरुष 11579, महिला 11027
कुल मतदाता 22606

वार्ड 58 यह वार्ड पूरी तरह मुस्लिम आबादी वाला वार्ड माना जाता है इस वार्ड में 60 प्रतिशत आबादी मुस्लिम है। इस वार्ड से लगातार दो बार से अनवर कादरी जीत रहे हैं। कादरी का इस क्षेत्र में अच्छा खासा प्रभाव है। पिछली बार भी वे 1700 वोटों से जीते थे। जबकि विधानसभा में यहां से ढाई हजार वोटों की लीड कांग्रेस को मिली थी। भाजपा ने इस वार्ड से सन्नी राजू चौहान को मैदान में उतारा है। पहले इस वार्ड से यहां के पूर्व पार्षद रहे बबली ठाकुर को कांग्रेस से भाजपा में लाकर उतारने की तैयारी की थी। परन्तु भाजपा के आंतरिक झगड़ों के चलते उन्हें मैदान में नहीं उतारा गया। इस वार्ड में 9 हजार से अधिक मुस्लिम मतदाता है। इस वार्ड से वही जीत पाता हैं जिसकी मुस्लिम मतदाता में भी अच्छी पकड हो इसी का लाभ यहां बबली ठाकुर को मिला था। सन्नी राजू चौहान को मैदान में उतारने के लिए भाजपा के कई दिग्गज नेता नाराज है। इस वार्ड में हिन्दू आबादी पर पूर्व विधायक गोपीकृष्ण नेमा का भी प्रभाव रहा है। जिन्हे क्षेत्र क्रमांक तीन से एक भी पार्षद टिकट नहीं मिला है। यह वार्ड कांग्रेस के प्रभाव वाला ही माना जाता है।

वार्ड 59 जवाहर मार्ग
पुरुष 10087, महिला 10211
कुल मतदाता 20298

वार्ड 59 यह वार्ड अनुसूचित जाति का वार्ड माना जाता है। इस वार्ड से कांग्रेस ने आशा वीरू झांझोट को उम्मीदवार बनाया है। आशा इस क्षेत्र में कांग्रेस की राजनीति में मजबूत नेता के रूप में पहचान बनाने वाले मुकेश झांझोट के परिवार से है। जबकि भाजपा ने रूपाली पेंढारकर को मैदान में उतारा है। पिछली बार से इस वार्ड से मध्य प्रदेश शासन की मंत्री उषा ठाकुर के परिवार के रत्नेश बागड़ी को उम्मीदवार बनाया था ओर वे यहां से जीते थे। इस वार्ड में खटिक समाज के ढाई हजार से ज्यादा वोट है जो निर्णायक होते हैं दूसरी ओर यह अनुसूचित वार्ड कहलाता हैं यहां पर धनगर समाज के शेखर नगर में रहने वाले दो हजार मतदाता अब वार्ड 61 में चले गए है। इस वार्ड में खटिक समाज के अलावा मोती तबेला, मिल्लत नगर के तीन हजार मुस्लिम मतदाता कांग्रेस के प्रभाव में रहेंगे, जबकि शेखर नगर को दो हजार मतदाता जो भाजपा के प्रभाव में इस बार वे यहां नहीं है। इस वार्ड से भाजपा के खटिक समाज के दिपेश पचौरी ओर भरत खस ने भी दावा किया था। दोनों ही लम्बे समय से इस वार्ड में काम कर रहे थे। इस वार्ड से पिछली बार विधानसभा में भी भाजपा सौ के लगभग मतों से हारी थी। इस वार्ड में बेहद कम मतों से ही जीत-हार होंगी।

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