वार्ड परिक्रमा: क्षेत्र क्र. 1 के 3 वार्ड में कांग्रेस जहां वजनदार, 1 में भाजपा की खींचतान का लाभ मिलेगा

कल भी विकास कार्यों के बाद कई क्षेत्र जलमग्न रहे

इंदौर। इस बार कई वार्डों में कांग्रेस अपनी फिर से वापसी शुरू करने जा रही है। भाजपा के उम्मीदवारों को स्थानीय समीकरण में कई जगह नुकसान उठाना पड़ रहा है। दूसरी ओर भाजपा के बड़े नेताओं में इस चुनाव में केवल औपचारिकता निभाना शुरू की है। दूसरी ओर जिस संघ को लेकर पूरे शहरभर में हंगामा मचा हुआ था कि महापौर संघ के उम्मीदवार हैं। पूरे चुनाव प्रचार से संघ ने अपना पल्ला झाड़ लिया है। अब चुनाव भाजपा कार्यकर्ताओं के भरोसे ही लड़ना होगा। दैनिक दोपहर में वार्डों की परिक्रमा कर जमीनी हकीकत जानने के लिए वार्ड परिक्रमा प्रारंभ की है। इसके तहत हर दिन 4 वार्डों के उम्मीदवारों की स्थिति को लेकर आंकलन किया जाएगा।


क्षेत्र क्र. 1 के सिरपुर वार्ड पर पिछले दो बार से यहां के मजबूत नेता गोलू अग्निहोत्री की धर्मपत्नी प्रीति गोलू अग्निहोत्री लगातार चुनाव जीत रही हैं। वार्ड का जातिगत समीकरण भी भाजपा के पक्ष में नहीं रहा है। यह सीट इस परिवार की परम्परागत सीट भी कहलाती है। दूसरी ओर गोलू अग्निहोत्री को विधानसभा का दावेदार भी कांग्रेस के बड़े नेताओं ने बना दिया है और उन्हें पूरी विधानसभा के लिए फ्री हैंड कर दिया है। यहां से भाजपा के मैदानी कार्यकर्ता महेश चौधरी को उतारा गया है। भाजपा के इस कार्यकर्ता को यहां कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। यह क्षेत्र मुस्लिम बाहुल्य होने के साथ अग्निहोत्री परिवार की व्यक्तिगत पकड़ का भी माना जाता है और इसीकारण यहां भाजपा को लगातार हार मिल रही है। पिछले चुनाव में भी यहां कांग्रेस की प्रीति गोलू अग्निहोत्री से ही 5,238 वोटों से जीती थीं। अभी तक स्थानीय स्तर पर माहौल उनके पक्ष में ही वोटों के समीकरण से भी बना हुआ है।

इसी प्रकार वार्ड क्र. 2 चंदन नगर में पिछली बार नगर निगम चुनाव में भाजपा से बागी होकर उम्मीदवार बने मुबारिक मंसूरी 598 वोटों से चुनाव जीतकर पार्षद बने थे। यहां भाजपा तीसरे नंबर पर पहुंच गई थी। दूसरी ओर इस बार कांग्रेस ने मुबारिक मंसूरी की पत्नी यास्मिन मंसूरी को उम्मीदवार बनाकर एक बार फिर इस वार्ड को भी कांग्रेस ने अपने पक्ष में बनाने के लिए समीकरण बना लिए हैं। इस वार्ड की 95 प्रतिशत आबादी मुस्लिम है और मुस्लिमों में से भाजपा ने इस बार एक भी उम्मीदवार को टिकट नहीं दिया है। इसके कारण भी भाजपा से मुस्लिम आबादी दूर हो गई है। इस वार्ड से भाजपा ने बबली नरवरे को चुनाव मैदान में उतारा है। यह उल्लेखनीय है कि इस वार्ड से संजय शुक्ला ने विधानसभा चुनाव में 8,589 मतों से बढ़त बनाई थी। कांग्रेस इन्हीं दो वार्डों पर अपनी बढ़त को 20 हजार तक ले जाने का प्रयास शुरू कर चुकी है।

वहीं वार्ड क्र. 3 कालानी नगर में इस बार कांग्रेस ने वैश्य समाज की उम्मीदवार कविता गंभीर सुराणा को उतारा है तो भाजपा ने शिखा संदीप दुबे को उम्मीदवार बनाया है। यह वार्ड लम्बे समय से भाजपा का रहा है परंतु इस बार यहां संजय शुक्ला के विधायक बनने के बाद वार्ड में मुस्लिमसमाज और चर्मकार समाज के 7 हजार वोट निर्णायक होंगे। इसका मुख्य कारण यह है कि पिछले चुनाव के दौरान विधायक संजय शुक्ला ने यहां चर्मकार समाज की बड़ी धर्मशाला बनाने के लिए आर्थिक सहायता दी थी और वे लगातार इस समाज के बीच काम करते रहे हैं। दूसरी ओर इस वार्ड में भी 3500 मुस्लिम मतदाता हैं जिनके 90 प्रतिशत वोटों को लेकर कांग्रेस ने तैयारी की है वहीं वैश्य समाज से कालानी नगर में रहने वाली कविता गंभीर सुराणा को उनके परिवार के सम्पर्कों का लाभ भी मिल रहा है। पिछले चुनाव में भी यहां भाजपा पूरी ताकत लगाने के बाद मात्र 232 वोटों से ही जीत पाई थी। इस वार्ड में कांग्रेस वोटिंग प्रतिशत को इस बार बढ़ाने के लिए अपने क्षेत्रों का गणित सुधार रही है। दूसरी ओर भाजपा प्रत्याशी शिखा दुबे को लेकर यहां पर कोई नाराजगी कार्यकर्ताओं में नहीं है परंतु उनके परिवार की पृष्ठभूमि को लेकर कारोबारियों का एक बड़ा वर्ग बातचीत में नाराज दिखा है। इसमें कई नाराजगियां इस क्षेत्र के वरिष्ठ नेताओं में भी दिखाई दी है। यदि यहां वोटों का प्रतिशत पिछले चुनाव से कम हुआ तो भाजपा को यहां इस बार झटका लग सकता है।

इसी प्रकार वार्ड क्र. 4 सुखदेव नगर में पिछली बार भाजपा के पूर्व पार्षद गोपाल मालू ने अच्छी जीत दर्ज की थी। इस वार्ड से कांग्रेस के महापौर प्रत्याशी संजय शुक्ला ने अपनी ही परिवार की वंदना शुक्ला को उम्मीदवार बनाया है। इस वार्ड के लिए संजय शुक्ला ने इस बार एक बड़ी टीम उतारी है। गोपाल मालू के निधन के बाद इस वार्ड में कई दावेदार मैदान में थे। हालांकि गोपाल मालू के कार्यकाल में भी कई बार यहां के लोगों ने अपनी समस्याओं को लेकर लगातार आंदोलन किए हैं तो वहीं इस वार्ड में मकानों के निर्माण से लेकर ठेला लगाने वालों तक से की जा रही वसूली को लेकर बड़ी शिकायतें दर्ज होती रहीं। कल भी मामूली बारिश में यहां के अखंड नगर और कृष्णबाग में पानी भर चुका था। कई लोगों के घरों में पानी भरने के बाद वे परिवार सहित पानी निकालते रहे। यहां के कामकाज को लेकर भी भाजपा के प्रति नाराजगी दोनों ही क्षेत्र में देखी गई तो वहीं 60 फीट रोड पर भी कांग्रेस के लोग कल मदद के लिए पहुंचते रहे जबकि भाजपा से यहां रात 10 बजे तक कोई नहीं पहुंचा था। वहीं दूसरी ओर भाजपा के महापौर प्रत्याशी को भी यहां बड़ा नुकसान उठाना पड़ेगा।

इन चारों वार्डों में ही भाजपा के महापौर उम्मीदवार को बड़ा गड्ढा होगा जिसकी भरपाई उन्हें अन्य वार्डों से ही करनी होगी। एक दिन पूर्व ही इस वार्ड के मंडल महामंत्री रितेश पाटनी को मंडल अध्यक्ष गगन यादव की शिकायत के बाद चुनाव कार्यालय से हटा दिया था परंतु वार्ड के पूर्व पार्षद चंगीराम यादव की खिलाफत को देखते हुए फिर वापस सारा जिम्मा रितेश पाटनी को दे दिया। इसे लेकर गगन यादव ने अपना पल्ला चुनावी प्रचार से झाड़ लिया है। पूरे वार्ड में वरिष्ठ नेताओं ने भी अपनी दूरी बना ली है। इसका मुख्य कारण आपसी खींचतान है।

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