श्रीलंका की तरह अब पाकिस्तान भी होगा दिवालिया! खजाना हुआ खाली

वॉशिंगटन (ए)। एक ओर जहां रूस-यूक्रेन युद्ध के तीन माह पूरे होने के साथ ही अमेरिका ने रूस को बांड बाजार में डिफाल्टर बनाने के लिए डॉलर का भुगतान पर प्रतिबंध लगा दिया है। आज रूस को एक अरब डॉलर के कर्ज की किस्त चुकानी है। दूसरी ओर पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से मदद नहीं मिलने के कारण घोर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। यहां पर पेट्रोल-डीजल 30 रुपए महंगा कर दिया गया है। पाकिस्तान के पास केवल दो माह का ही विदेशी मुद्रा भंडार है। वहीं श्रीलंका ने फिर भारत से अनाज और अन्य सामान दिए जाने की अपील की है। दूसरी ओर भूटान में भी अनाज का भारी संकट हो गया है।
पाकिस्तान की हालत अगले दो माह में यदि कोई मदद नहीं मिली तो श्रीलंका जैसी हो जाएगी। पाकिस्तान को विदेश से सामान आयात करने के लिए 45 अरब डॉलर चाहिए जबकि उसके पास 10.2 अरब डॉलर का ही कोष है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने अभी तक कर्ज दिए जाने की सहमति नहीं दी है। ठीक श्रीलंका जैसी ही स्थिति अब पाकिस्तान में बन गई है। पाकिस्तान को अगले महीने अपने कर्ज की बड़ी किस्त चुकानी है। रूस के अमेरिका की बैंकों में जमा डॉलर फ्रीज कर दिए हैं, ताकि वह डिफाल्टर हो जाए। भविष्य में रूस को ऋण नहीं मिल सके। रूस ने कर्जदारों से कहा है कि वह रूबल में भुगतान के लिए तैयार है। जब भी प्रतिबंध हटेंगे वे डॉलर में भुगतान ले सकते हैं। पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में देर रात घड़ी में 12 बजते ही पेट्रोल और डीजल के दामों में भी इजाफा हो गया। इनके साथ ही केरोसिन तेल की कीमतें भी बढ़ी हैं। अब भारत के एक और पड़ोसी देश भूटान में भी खाने की चीजों की कमी हो गई है. खासकर भूटान के ग्रामीण इलाकों में लोग खाने-पीने की चीजों की कमी से जूझ रहे हैं। वहीं पाकिस्तान में भी खाद्यान के भाव आसमान पर जाना शुरू हो गए हैं। कई क्षेत्रों में अनाज की कमी दिखाई दे रही है। इसके चलते पाकिस्तान कई संकटों में उलझ गया है।

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