अभी भी प्रदेश में सबसे मंहगा पेट्रोल-डीजल गैस और मंहगी होते ही सब्सिडी का लाभ समाप्त हो जाएगा

इंदौर। केन्द्र सरकार द्वारा पेट्रोल-डीजल पर टैक्स में दी गई छूट के बाद भी म.प्र. की बार्डर से लगे गुजरात में म.प्र. से सस्ता पेट्रोल-डीजल होने के कारण अभी भी बड़ी तादाद में गुजरात की ओर से आने और जाने वाले वाहन बार्डर पार कर ही पेट्रोल-डीजल भरवा रहे हैं। संकेत मिल रहे हैं कि म.प्र. में भी इसी सप्ताह पेट्रोल पर 6 रुपए 50 पैसे और डीजल पर 5 रुपए टैक्स कम किया जा सकता है। म.प्र. की सीमा में आलीराजपुर बार्डर के बाद बड़ी तादाद में बसें और अन्य वाहन पेट्रोल-डीजल भरवाने के लिए लाइन में खड़े दिखाई पड़ते हंै। पेट्रोल पर 13 रुपए डीजल पर 2 रुपए का फर्क बना हुआ है। दूसरी ओर उज्ज्वला योजना पर दी गई 200 रुपए की छूट से भले ही इन परिवारों को लाभ मिला हो परंतु दूसरी ओर सब्सिडी पूरी तरह लगभग समाप्त हो गई है। गैस एजेंसी कह रही है कि अगली बार भाव बढ़ते ही सब्सिडी न के बराबर रह जाएगी।


म.प्र. में केन्द्र सरकार द्वारा दी गई छूट के बाद भी अभी म.प्र. के गुजरात जाने वाली सैकड़ों गाड़ियां गुजरात में ही पेट्रोल भरा रही हैं बल्कि गुजरात बार्डर से बड़ी तादाद में बल्क में पेट्रोल ड्रमों में भरकर म.प्र. भी लाया जा रहा है। अभी म.प्र. में पेट्रोल 108 रुपए 65 पैसे और डीजल 93 रुपए 90 रुपए प्रति लीटर है। इसके बाद भी देश में सबसे महंगा पेट्रोल म.प्र. में ही मिल रहा है। जीएसटी के सूत्र बता रहे हैं कि इस सप्ताह म.प्र. सरकार भी चुनावी तैयारियों को देखते हुए पेट्रोल-डीजल में बड़ी छूट देने जा रही है। एक अनुमान के अनुसार पेट्रोल पर 6 रुपए 50 पैसे और पेट्रोल 5 रुपए की राहत मिल सकती है। वहीं गैस सिलेंडरों को लेकर अब सब्सिडी का दौर आने वाले समय में समाप्त हो जाएगा।
पेट्रोल-डीजल पर दी गई राहत भी चुनाव बाद फिर से यथास्थिति में पहुंचने की पूरी संभावना बनी हुई है। गैस एजेंसियों का भी कहना है कि उज्जवला योजना में 200 रुपए की दी गई छूट से कालाबाजी और बढ़ेगी। इससे होटल वाले यहां से उज्ज्वला योजना के सिलेंडर उठाना शुरू कर देंगे।

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