गुस्ताखी माफ़-पोस्टर से पूर्व कुलदेवी नदारद…बच्चों के लिए अब भाजपा में परिवारवाद शुरू होगा…दो के सरदार 3 में असरदार…

पोस्टर से पूर्व कुलदेवी नदारद…
इस समय शहर में भाजपा के बड़े नेता एक-दूसरे को पोस्टर-युद्ध में काटते हुए दिखाई दे रहे हैं। पिछले दिनों भिया के जन्मदिन पर लगे कई होर्डिंग से मामा गायब रहे तो दूसरी ओर क्षेत्र क्रमांक तीन में तीन इमली चौराहे के पास हो रही भागवत कथा से क्षेत्र क्रमांक तीन की पुरानी कुलदेवी का चेहरा पूरी तरह हटा दिया गया। कई और नेता यहां पर दिखाई दे रहे हैं। इस मामले में आयोजकों का कहना है कि कथा क्षेत्र क्रमांक 3 भाजपा द्वारा कराई जा रही है और वे ही पोस्टर लगा रहे है। इसी के साथ तीन नंबर के एक बड़े पुराने नेता भी अब लग रहे पोस्टरों से विलुप्त प्रजाति में जाते हुए दिखाई दे रहे हैं। कई नेताओं को बात हजम नहीं हो रही है, पर क्या करें। यह स्थिति अब धीरे-धीरे कई क्षेत्रों में दिखाई दे रही है। शहर में भाजपा में शामिल हुए कांग्रेसी भी अपने पोस्टरों में अपनी सुविधा अनुसार भाजपा के बड़े नेताओं को जगह दे रहे है और उन सबसे ऊपर ज्योति बाबू को जगह दी जा रही है। कुछ को इस बात से भी परहेज है कि उन्हें भाजपा नेता कहा जाए। वे अपने आप को सिंधिया समर्थक ही कहलाना पसंद करते है।
बच्चों के लिए अब भाजपा में परिवारवाद शुरू होगा…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के परिवारवाद के खिलाफ अब भाजपा के ही परिवारवादी नेताओं ने अपना मोर्चा बना लिया है और यह दबाव उच्च स्तर पर बनाया जा रहा है कि जिनके बच्चे पहले से ही संगठनों में काम करते रहे हैं, उन्हें राजनीति में सम्मान मिलना चाहिए और उन्हें चुनावी मैदान में भी जगह मिलनी चाहिए, वजह उनके परिजन अब राजनीति से मुक्त हो चुके हैं और वे संगठनों में ही काम कर रहे हैं और इसी के चलते भाजपा के ही कई दिग्गज नेताओं ने अपने बच्चों को संगठन में पद दिलाना शुरू कर दिया है और इसके कई ताजे उदाहरण भी देखे जा सकते हैं। भविष्य में अब उन पार्षद-पुत्रों की चिंता की जरूरत नहीं है, जो अपने पिता की जगह मैदान में तैयारी कर रहे थे। केवल उन्हें यह देखना है कि वे संगठन में किसी पद पर बने हुए थे या नहीं।
दो के सरदार 3 में असरदार…
दादा के यहां सरदार रहे असरदार इन दिनों क्षेत्र क्रमांक तीन के बाल विधायक के साथ कंधे से कंधा मिलाकर घूमते हुए दिखाई दे रहे हैं। चूंकि वे पहले दादा के खास सिपहसालार के रूप में माने जाते थे। दादा की बजाई धुन पर ही वे नृत्य करते थे, परंतु अचानक बाल विधायक के साथ मैदान में उनका इस तरह इठलाना कई लोगों को हजम नहीं हो रहा है। कई लोग उन्हें भरोसे में भी नहीं ले पा रहे हैं। हालांकि असरदार लंबे समय से क्षेत्र क्रमांक दो के नेताओं का ही परचम लेकर इस क्षेत्र में घूमते रहे हैं।
-9826667063

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